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देश की सरहद पर सियाचिन जैसे दुर्गम इलाके में तैनात एक फौजी के साथ हल्द्वानी में बड़ा धोखा सामने आया है। सियाचिन में तैनात जवान कमल चंद्र कुडाई मकान खरीदने के नाम पर करीब 30 लाख रुपये की ठगी का शिकार हो गए।
हल्द्वानी में बड़ा धोखा
Nainital/Haldwani: देश की सरहद पर सियाचिन जैसे दुर्गम इलाके में तैनात एक फौजी के साथ हल्द्वानी में बड़ा धोखा सामने आया है। सियाचिन में तैनात जवान कमल चंद्र कुडाई मकान खरीदने के नाम पर करीब 30 लाख रुपये की ठगी का शिकार हो गए। आरोप है कि मकान की मालकिन ने उनसे रकम लेने के बाद वही मकान किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया।
पीड़ित जवान के मुताबिक, हल्द्वानी की वसुंधरा कॉलोनी निवासी निर्मला सिंह से मकान खरीदने को लेकर 12 दिसंबर 2024 को लिखित समझौता हुआ था। इस एग्रीमेंट में साफ तौर पर यह शर्त दर्ज थी कि अक्टूबर 2025 तक मकान की रजिस्ट्री पूरी की जाएगी। समझौते पर दोनों पक्षों के हस्ताक्षर भी किए गए थे।
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कमल चंद्र का कहना है कि सियाचिन में कठिन सैन्य ड्यूटी के दौरान भी उन्होंने किसी तरह पैसे जुटाकर निर्मला सिंह और उनकी बेटी ज्योति मलिक को अलग-अलग किस्तों में करीब 30 लाख रुपये दे दिए। फौजी का भरोसा था कि तय समय पर रजिस्ट्री हो जाएगी।
कुछ महीनों बाद जब जवान ने रजिस्ट्री को लेकर संपर्क किया, तो उन्हें पता चला कि वही मकान किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया गया है। जब उन्होंने इसका विरोध किया और कारण पूछा, तो आरोप है कि उन्हें धमकाया गया, बाद में उनका फोन नंबर भी ब्लॉक कर दिया गया।
छुट्टी लेकर हल्द्वानी पहुंचे जवान ने पूरा मामला मंडी चौकी में दर्ज कराया। आरोप है कि पुलिस और अधिकारियों के निर्देशों के बावजूद भी आरोपी मां-बेटी ने समझौते की शर्तों का पालन नहीं किया। समझौते में स्पष्ट था कि यदि विक्रेता सौदे से पीछे हटता है, तो उसे ली गई रकम की दोगुनी राशि लौटानी होगी।
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गुरुवार रात कमल चंद्र कुडाई की शिकायत पर कोतवाली हल्द्वानी में निर्मला सिंह और उनकी बेटी ज्योति मलिक के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।