Dharali Disaster

आपदा के बाद ग्रामीणों का मानना है कि खतरे को देखते हुए नदी किनारे दोबारा बड़े होटल या व्यावसायिक निर्माण शुरू करना जोखिम भरा है। ऐसे में खीर गंगा से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने पर ग्रामीण नदी के दोनों छोरों पर खेती करने की योजना बना रहे हैं। धराली के लोग अब अपनी आजीविका को मजबूती देने के लिए सेब बागवानी और नगदी फसलों पर आत्मनिर्भर हो रहे हैं। (Img- X)

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 5 August 2026, 1:06 PM IST
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Published :  5 August 2026, 1:04 PM IST

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