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आपदा के बाद ग्रामीणों का मानना है कि खतरे को देखते हुए नदी किनारे दोबारा बड़े होटल या व्यावसायिक निर्माण शुरू करना जोखिम भरा है। ऐसे में खीर गंगा से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने पर ग्रामीण नदी के दोनों छोरों पर खेती करने की योजना बना रहे हैं। धराली के लोग अब अपनी आजीविका को मजबूती देने के लिए सेब बागवानी और नगदी फसलों पर आत्मनिर्भर हो रहे हैं। (Img- X)
Published : 5 August 2026, 1:04 PM IST