भाजपा नेता हत्याकांड के बाद सुलग उठा बैरागीवाला: 25 से अधिक मुस्लिम परिवारों ने छोड़ा गांव, जानें क्या हैं मौजूदा हालात

देहरादून के सहसपुर में भाजपा नेता विनोद कुमार की हत्या के बाद बैरागीवाला गांव में सांप्रदायिक तनाव फैल गया है। हिंसा और आगजनी के डर से 25 से अधिक मुस्लिम परिवार घर छोड़कर पलायन कर गए हैं। भारी पुलिस बल तैनात है।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 16 June 2026, 9:47 AM IST
google-preferred

Dehradun: उत्तराखंड के देहरादून जिले के अंतर्गत आने वाले सहसपुर कोतवाली क्षेत्र के बैरागीवाला गांव में भाजपा नेता विनोद कुमार की निर्मम हत्या के बाद हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। इस हत्याकांड के बाद भड़के बवाल, हिंसा और आगजनी ने गांव के सौहार्दपूर्ण ताने-बाने और सामाजिक तस्वीर को पूरी तरह बदल कर रख दिया है।

उपद्रव और तनाव के बीच सुरक्षा की चिंता को देखते हुए 25 से अधिक मुस्लिम परिवार रात के अंधेरे में ही अपने घरों में ताले बंद कर रिश्तेदारों और सुरक्षित ठिकानों के लिए निकल गए हैं। गांव के मुस्लिम बाहुल्य मोहल्लों और गलियों में इस समय पूरी तरह सन्नाटा पसरा हुआ है। पुलिस की लगातार गश्त और कड़ी निगरानी के बावजूद स्थानीय अल्पसंख्यकों के मन से असुरक्षा और गहरी दहशत का डर कम होने का नाम नहीं ले रहा है।

उग्र भीड़ ने की आगजनी, अल्टीमेटम के बाद भड़की हिंसा

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए भाजपा नेता विनोद कुमार की मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में दक्षिणपंथी संगठनों जैसे बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद (VHP) और अन्य संगठनों के कार्यकर्ता तथा स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए। आक्रोशित और हाथों में लाठी-डंडे लिए उग्र भीड़ एक स्थानीय मस्जिद की तरफ बढ़ने लगी, जिसे मौके पर मौजूद पुलिस प्रशासन ने बेहद सूझबूझ और मशक्कत के बाद बीच रास्ते में ही रोक लिया।

दिल्ली-देहरादून हाईवे पर एनकाउंटर : रात में चेकिंग के दौरान खुला फायर, बदमाशों से पुलिस की भिड़ंत

उग्र कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी थी कि यदि सुबह 10 बजे तक आरोपियों के अवैध मकानों पर बुलडोज़र या दंडात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो वे स्वयं बड़ा कदम उठाएंगे। तय समय सीमा बीतने के बाद भीड़ बेकाबू हो गई और आरोपियों के दो मकानों को आग के हवाले कर दिया गया, जिससे पूरे इलाके में चीख-पुकार और दहशत का माहौल बन गया।

रात के अंधेरे में सुरक्षित ठिकानों की ओर भागे लोग

इस भयंकर आगजनी और हिंसक प्रदर्शन के बाद शनिवार रात से ही मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। अपनी और अपने बच्चों की जान बचाने की खातिर कई परिवार आनन-फानन में घरों पर ताला लगाकर भाग खड़े हुए, जबकि कुछ लोग इतने खौफ में थे कि वे जल्दबाजी में दरवाजों को खुला या बिना ताला लगाए ही छोड़कर निकल गए।

वर्तमान में गांव के करीब 25 से अधिक घरों में सन्नाटा है और वहां सिर्फ पालतू जानवर या वीरानियां बची हैं। जो इक्का-दुक्का लोग गांव में रुक गए हैं, वे किसी भी अनजान आहट या गाड़ी की आवाज सुनकर घरों के भीतर से खिड़कियों के जरिए बाहर का जायजा ले रहे हैं। मौजूदा तनावपूर्ण परिस्थितियों और पुलिसिया कार्रवाई के डर से कोई भी ग्रामीण कैमरे या मीडिया के सामने खुलकर कुछ भी बोलने से बच रहा है।

देहरादून में दुस्साहस: घर में घुसकर वकील सोहेल की गोली मारकर हत्या, 24 घंटे के भीतर दूसरा मर्डर

पुलिस पर पथराव के बाद सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त

रविवार को हालात उस समय और ज्यादा बिगड़ गए जब एक क्षेत्र में जांच के दौरान पुलिस बल पर अचानक पथराव की घटना सामने आई। इस पथराव के बाद बचे हुए परिवारों के मन में सुरक्षा को लेकर चिंताएं और गहरी हो गईं, जिसके चलते रविवार रात को भी कई लोग चुपचाप गांव से बाहर चले गए।

हालांकि, स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में रखने के लिए जिला प्रशासन ने गांव के चप्पे-चप्पे पर भारी संख्या में पीएसी (PAC) और पुलिस बल को तैनात कर रखा है। मिश्रित आबादी वाले इस संवेदनशील बैरागीवाला क्षेत्र में सामान्य जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया है, दुकानें बंद हैं और लोग सहमे हुए हैं। प्रशासन लगातार दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील कर रहा है, लेकिन गांव में तनावपूर्ण शांति अभी भी बरकरार है।

Location :  Dehradun

Published :  16 June 2026, 9:47 AM IST

Related News

Advertisement