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रामनगर स्थित कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में जिप्सियों के प्रवेश को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। कॉर्बेट प्रशासन ने नए स्थायी नये परमिट धारकों के लिए 1 अप्रैल को लॉटरी सिस्टम के जरिए चयन प्रक्रिया तय की है। सीटों से ज्यादा आवेदन आने के कारण यह फैसला लिया गया है।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व
Ramnagar: रामनगर स्थित कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में जिप्सियों के प्रवेश को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। कॉर्बेट प्रशासन ने नए स्थायी नये परमिट धारकों के लिए 1 अप्रैल को लॉटरी सिस्टम के जरिए चयन प्रक्रिया तय की है। सीटों से ज्यादा आवेदन आने के कारण यह फैसला लिया गया है, जिससे अब सभी की निगाहें इस लॉटरी प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।
50 सीटों के लिए 66 आवेदन
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक राहुल मिश्रा के अनुसार,पंजीकरण प्रक्रिया के तहत प्राप्त सभी आवेदनों की जांच की गई है। वैध पाए गए आवेदनों को ओपन कैटेगरी और ईडीसी श्रेणी में शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि ओपन कैटेगरी में 43 सीटों के मुकाबले 64 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि ईडीसी श्रेणी में 50 सीटों के लिए 66 आवेदन आए हैं। ऐसे में दोनों ही श्रेणियों में चयन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा।
अनुभव के आधार पर प्राथमिकता देने की मांग
उपनिदेशक ने यह भी बताया कि कुछ आवेदकों ने ईडीसी श्रेणी में अनुभव के आधार पर प्राथमिकता देने की मांग की थी, जैसा कि ओपन कैटेगरी में 5 और 8 साल के अनुभव के आधार पर किया जाता है। लेकिन वर्ष 2024 की गाइडलाइन में ईडीसी के लिए इस तरह का कोई प्रावधान नहीं है, इसलिए वर्तमान प्रक्रिया उसी के अनुसार पूरी की जाएगी।
परमिट धारकों को राहत
गौरतलब है कि वर्ष 2024 में वन मंत्री द्वारा जारी आदेश में 2022 के बाद के स्थायी परमिट वाली जिप्सियों को पार्क में प्रवेश से रोका गया था। इस आदेश के खिलाफ करीब 15 जिप्सी स्वामियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस क्रम में कोर्ट ने वन मंत्री के लेटर को खारिज करते हुए नए परमिट धारकों को राहत दी।
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हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब कॉर्बेट प्रशासन ने नए परमिट धारकों को भी शामिल करते हुए कुल 130 जिप्सियों में से 93 वाहनों को लॉटरी के जरिए प्रवेश देने का निर्णय लिया है। हालांकि इस व्यवस्था को लेकर नए जिप्सी स्वामियों में नाराज़गी देखने को मिल रही है। उनका आरोप है कि 5 और 8 साल की कैटेगरी बनाकर पुराने जिप्सी मालिकों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे नए लोगों के साथ भेदभाव हो रहा है।
विरोध कर रहे कारोबारी नमित अग्रवाल का कहना है कि जब हाईकोर्ट ने निष्पक्ष लॉटरी सिस्टम लागू करने की बात कही है, तो सभी को समान अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस निर्णय में बदलाव नहीं किया गया, तो वे फिर से हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।अब देखना होगा कि 1 अप्रैल को होने वाली लॉटरी प्रक्रिया इस विवाद को शांत करती है या फिर मामला एक बार फिर कानूनी मोड़ लेता है।