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योगी सरकार का किसानों को तोहफा (IMG: X)
Lucknow: उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी खबर है। योगी सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में मक्का, बाजरा और ज्वार की सरकारी खरीद की तैयारी तेज कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मोटे अनाज की क्रय नीति को मंजूरी दी गई है। इसके तहत प्रदेश में कुल 2.85 लाख मीट्रिक टन मोटे अनाज की खरीद का कार्यकारी लक्ष्य प्रस्तावित किया गया है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए 455 क्रय केंद्र खोलने की तैयारी है। सबसे बड़ी बात यह है कि बाजरे के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में 125 रुपये और हाइब्रिड ज्वार के समर्थन मूल्य में 324 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। खरीद की अवधि 31 दिसंबर 2026 तक निर्धारित की गई है।
योगी सरकार की नई क्रय नीति के तहत अलग-अलग मोटे अनाज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। बाजरे का समर्थन मूल्य 2775 रुपये से बढ़ाकर 2900 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। यानी किसानों को पिछले निर्धारित मूल्य के मुकाबले 125 रुपये प्रति क्विंटल अधिक मिलेंगे। वहीं, मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2410 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। हाइब्रिड ज्वार का समर्थन मूल्य 3699 रुपये से बढ़ाकर 4023 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। इसमें 324 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा ज्वार मालदांडी का समर्थन मूल्य 4073 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश में कुल 2.85 लाख मीट्रिक टन मोटे अनाज की खरीद का कार्यकारी लक्ष्य प्रस्तावित है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा बाजरे का होगा। सरकार ने बाजरे की 2.20 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा ज्वार की 50 हजार मीट्रिक टन और मक्का की 15 हजार मीट्रिक टन खरीद प्रस्तावित है। इस तरह तीनों फसलों को मिलाकर कुल खरीद का लक्ष्य 2.85 लाख मीट्रिक टन है।
मोटे अनाज की खरीद के लिए उत्तर प्रदेश में कुल 455 क्रय केंद्र खोलने का प्रस्ताव है। इनमें बाजरे की खरीद के लिए 300 केंद्र, ज्वार के लिए 80 केंद्र और मक्का के लिए 75 केंद्र निर्धारित किए गए हैं। क्रय केंद्रों को मुख्य रूप से उन इलाकों में स्थापित किया जाएगा, जहां संबंधित फसल की अच्छी पैदावार होती है और सरकारी खरीद की संभावना अधिक रहती है। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए खरीद केंद्रों तक पहुंचने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
सरकारी नीति के तहत मक्का की खरीद प्रदेश के 25 जिलों में की जाएगी। इनमें बुलंदशहर, बदायूं, हरदोई, उन्नाव, मैनपुरी, आगरा, फिरोजाबाद, अलीगढ़, एटा, कासगंज, हाथरस, कानपुर नगर, कानपुर देहात, इटावा, औरैया, फर्रुखाबाद, कन्नौज, बहराइच, गोंडा, देवरिया, बलिया, जौनपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र और ललितपुर शामिल हैं। इन जिलों के किसानों को सरकारी खरीद व्यवस्था के तहत निर्धारित समर्थन मूल्य पर मक्का बेचने का अवसर मिलेगा। किसानों को सलाह है कि उपज बेचने से पहले अपने जिले में खरीद केंद्र और खरीद से संबंधित दिशा-निर्देशों की जानकारी जरूर प्राप्त कर लें।
बाजरे की सरकारी खरीद के लिए प्रदेश के 33 जिलों को चुना गया है। इनमें बुलंदशहर, रामपुर, संभल, अमरोहा, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, अलीगढ़, एटा, कासगंज, हाथरस, कानपुर नगर, कानपुर देहात, इटावा, फर्रुखाबाद, औरैया, कन्नौज, बलिया, जौनपुर, गाजीपुर, मिर्जापुर, प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर, जालौन, चित्रकूट और हमीरपुर शामिल हैं।
ज्वार की सरकारी खरीद के लिए प्रदेश के 13 जिले निर्धारित किए गए हैं। इनमें उन्नाव, हरदोई, फिरोजाबाद, कानपुर नगर, कानपुर देहात, फतेहपुर, मिर्जापुर, झांसी, जालौन, बांदा, हमीरपुर, महोबा और चित्रकूट शामिल हैं। इन जिलों में ज्वार की खरीद के लिए निर्धारित व्यवस्था के तहत किसानों से उपज खरीदी जाएगी। हाइब्रिड ज्वार के समर्थन मूल्य में 324 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी को इस खरीद नीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
मक्का, बाजरा और ज्वार की सरकारी खरीद का लाभ लेने के लिए किसानों को खाद्य एवं रसद विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.fcs.up.gov.in पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। खरीद केंद्रों पर किसानों की पहचान और जमीन से जुड़े रिकॉर्ड का सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए कंप्यूटरीकृत सत्यापित खतौनी, फोटोयुक्त पहचान पत्र और आधार कार्ड के आधार पर खरीद की प्रक्रिया पूरी होगी। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ परचेज (ई-पॉप) मशीन के माध्यम से किसानों का बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण भी किया जाएगा।
योगी सरकार की नई खरीद नीति में किसानों को भुगतान की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया है। खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज पांडेय के मुताबिक, किसानों से भारत सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मोटे अनाज की खरीद की जाएगी। बैंक खाते का सत्यापन होने के बाद यथासंभव 48 घंटे के भीतर भुगतान सीधे किसानों के खातों में भेजने की व्यवस्था की गई है।
खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए मक्का, बाजरा और ज्वार की सरकारी खरीद की अवधि एक अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक निर्धारित की गई है। किसानों को इस अवधि के भीतर पंजीकरण, दस्तावेज सत्यापन और उपज बेचने से संबंधित प्रक्रिया पूरी करनी होगी। कुल मिलाकर, योगी सरकार की नई क्रय नीति के तहत प्रदेश में 2.85 लाख मीट्रिक टन मोटे अनाज की खरीद का लक्ष्य रखा गया है। 455 क्रय केंद्रों की प्रस्तावित व्यवस्था, बाजरे और हाइब्रिड ज्वार के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी और सीधे बैंक खाते में भुगतान की व्यवस्था किसानों के लिए अहम है।
Location : Lucknow
Published : 9 October 2026, 7:55 PM IST
Topics : Farmer Registration Kharif Marketing Season MSP 2026 27 UP Government schemes Yogi Adityanath