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NHM संविदा कर्मचारियों की हड़ताल (Img: Dynamite News)
Maharajganj: उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत काम करने वाले संविदा कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। कर्मचारियों ने नियमितीकरण, समान कार्य-समान वेतन और वेतन वृद्धि समेत आठ प्रमुख मांगों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित ज्ञापन उचित माध्यम से मुख्य चिकित्सा अधिकारी, महराजगंज के जरिए शासन को भेजा है। संगठन ने चेतावनी दी है कि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो 12 अक्टूबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।
NHM कर्मचारी संगठन के अनुसार, उत्तर प्रदेश में एक लाख से अधिक संविदा कर्मचारी पिछले 15 से 18 वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान दे रहे हैं। ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला अस्पतालों और विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। संगठन का कहना है कि कोविड-19 महामारी के दौरान भी कर्मचारियों ने स्वास्थ्य सेवाएं लोगों तक पहुंचाने में योगदान दिया, लेकिन इसके बावजूद उन्हें नियमित सेवा सुरक्षा और सम्मानजनक वेतन जैसी सुविधाएं नहीं मिल सकी हैं।
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कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि लंबे समय से कार्यरत NHM संविदा कर्मचारियों को स्वास्थ्य विभाग में नियमित किया जाए। इसके साथ ही समान कार्य करने वाले कर्मचारियों के लिए समान वेतन की व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई गई है। संगठन ने कहा है कि जब तक समान कार्य-समान वेतन का निर्णय नहीं होता, तब तक कर्मचारियों के वर्तमान वेतन में तत्काल वृद्धि की जाए। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग में जरूरत के अनुसार नए पद सृजित करने की मांग भी की गई है।
कर्मचारी संगठन ने अपने और आश्रित परिवार के लिए कम से कम 10 लाख रुपये की फैमिली फ्लोटर कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। इसके साथ महंगाई भत्ता (DA), प्रभावी कर्मचारी भविष्य निधि (EPF), नियोक्ता अंशदान, मकान किराया भत्ता (HRA), सरकारी आवास और ग्रेच्युटी जैसी सुविधाएं देने की मांग भी शामिल है।
इसके अलावा रिक्त पदों पर गैर-जनपद स्थानांतरण नीति बहाल करने, सेवाकाल के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर पात्र आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति देने और आउटसोर्स कर्मचारियों को जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजित करने की मांग की गई है। संगठन ने स्वास्थ्य विभाग की नियमित भर्तियों में NHM संविदा कर्मचारियों के लिए कम से कम 25 प्रतिशत सीटें निर्धारित करने की भी मांग उठाई है।
ज्ञापन के अनुसार, संगठन का दावा है कि वर्ष 2021 में अधिकारियों के साथ वार्ता के दौरान वेतन विसंगति, EPF, सरकारी आवास और महंगाई भत्ते जैसी मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन अब तक इनका समाधान नहीं हो सका है। इसी के विरोध में कर्मचारियों ने चरणबद्ध आंदोलन का कार्यक्रम घोषित किया है।
कार्यक्रम के तहत 5 से 7 अक्टूबर तक काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध और 8 से 10 अक्टूबर तक जनपद मुख्यालयों पर शांतिपूर्ण कार्य बहिष्कार या कार्यविराम के जरिए विरोध दर्ज कराने की बात कही गई थी। संगठन ने कहा है कि यदि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होता या राज्य प्रतिनिधिमंडल के साथ सार्थक वार्ता नहीं होती, तो 12 अक्टूबर से विभिन्न जिलों के कर्मचारी लखनऊ पहुंचकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करेंगे।
NHM संविदा कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी लंबित मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। संगठन की ओर से आगामी विधानसभा चुनाव के बहिष्कार की बात भी कही गई है। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से मांगें लंबित रहने के कारण उनमें असंतोष बढ़ रहा है।
अब निगाहें शासन और स्वास्थ्य विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि कर्मचारियों की मांगों को लेकर जल्द कोई ठोस पहल नहीं होती है, तो प्रदेश में NHM संविदा कर्मचारियों का आंदोलन तेज हो सकता है। हालांकि, हड़ताल की चेतावनी के बीच स्वास्थ्य सेवाओं पर संभावित असर को लेकर स्थिति आगे होने वाले निर्णयों पर निर्भर करेगी।
Location : Maharajganj
Published : 9 October 2026, 3:59 PM IST
Topics : Maharajganj News (महाराजगंज न्यूज़) NHM Contract Employees NHM Employees Strike NHM Regularization Demand UP Assembly Election 2027