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महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गोरखपुर पुलिस द्वारा “मिशन शक्ति फेज 5.0” अभियान के अंतर्गत जनपद स्तर पर भव्य “Run For Empowerment” कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
गोरखपुर में महिलाओं की भागीदारी ने बढ़ाया जोश
Gorakhpur: महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गोरखपुर पुलिस द्वारा “मिशन शक्ति फेज 5.0” अभियान के अंतर्गत जनपद स्तर पर भव्य “Run For Empowerment” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन थाना रामगढ़ताल क्षेत्र में बुद्धा गेट से महंत दिग्विजयनाथ पार्क तक किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्राओं और महिला प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक अपराध एवं मिशन शक्ति के नोडल अधिकारी सुधीर जायसवाल द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। इस दौरान पुलिस उपाधीक्षक दीपांशी राठौर, गोरखपुर विश्वविद्यालय की प्रोफेसर विनीता, महिला थाना प्रभारी, एनसीसी की महिला अधिकारी एवं विभिन्न कॉलेजों की अध्यापिकाएं भी मौजूद रहीं।
दौड़ में पुलिस विभाग की महिला आरक्षियों, एनसीसी कैडेट्स, गोरखपुर विश्वविद्यालय और अन्य शिक्षण संस्थानों की छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
सुरक्षा से जुड़े कानूनों की दी जानकारी
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को न केवल शारीरिक रूप से सशक्त बनाना था, बल्कि उन्हें उनके अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े कानूनों के प्रति जागरूक करना भी था। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, दहेज प्रतिषेध अधिनियम, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न निवारण अधिनियम, पॉक्सो एक्ट, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम और बाल श्रम कानून सहित महिलाओं की गरिमा से जुड़े विभिन्न कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई।
इसके साथ ही महिलाओं और बालिकाओं को आपातकालीन सहायता और शिकायत निवारण के लिए उपलब्ध विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों और सेवाओं के बारे में भी जागरूक किया गया। इनमें वीमेन पावर लाइन 1090, पुलिस आपातकालीन सेवा 112, सीएम हेल्पलाइन 1076, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, वन स्टॉप सेंटर 181, साइबर हेल्पलाइन 1930, स्वास्थ्य सेवा 102 और एंबुलेंस सेवा 108 जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं शामिल हैं।
कार्यक्रम के दौरान पंपलेट वितरित कर इन जानकारियों को आमजन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। गोरखपुर पुलिस का यह प्रयास न केवल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी सराहनीय पहल साबित हो रहा है।