Russia-Ukraine War: पुतिन ने जेलेंस्की से जताई मिलने की इच्छा, जानें क्या है वजह

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन के साथ शांति समझौते और राष्ट्रपति जेलेंस्की से मुलाकात को लेकर नई शर्तें रखी हैं। जानें इस संभावित बैठक और शांति वार्ता पर रूस का ताजा रुख।

Updated : 10 May 2026, 12:07 PM IST
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New Delhi: Russia-Ukraine War Update पिछले चार सालों से अधिक समय से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध में एक बड़ा कूटनीतिक मोड़ देखने को मिला है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पहली बार संकेत दिया है कि वे शांति समझौते की अंतिम मुहर लगाने के लिए यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से किसी तीसरे देश में मिलने के लिए तैयार हैं।

शनिवार को 'विक्ट्री डे परेड' के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए पुतिन ने स्पष्ट किया कि मॉस्को ने कभी भी बातचीत के दरवाजे बंद नहीं किए हैं, लेकिन इस बार उनकी शर्तें बेहद सख्त और स्पष्ट हैं।

पुतिन की शर्त- 'सिर्फ दस्तखत के लिए होगी मुलाकात'

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस संभावित मुलाकात को लेकर पूरी तरह से 'रिजल्ट ओरिएंटेड' दृष्टिकोण अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वे राष्ट्रपति जेलेंस्की से केवल उसी स्थिति में मिलेंगे जब शांति समझौते का ड्राफ्ट पूरी तरह से तैयार हो चुका हो। पुतिन का मानना है कि यह बैठक महज बातचीत की शुरुआत नहीं, बल्कि युद्ध समाप्ति का 'अंतिम चरण' होनी चाहिए।

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इसके लिए उन्होंने शर्त रखी है कि दोनों देशों के विशेषज्ञ पहले से ही एक ठोस और दीर्घकालिक समझौते की रूपरेखा तैयार कर लें, ताकि शिखर सम्मेलन में केवल उस पर मुहर लगाई जा सके। हालांकि पुतिन किसी तीसरे देश में जाकर मिलने के लिए भी तैयार हैं, लेकिन उन्होंने यह विकल्प भी खुला रखा है कि यदि यूक्रेनी पक्ष चाहे, तो यह महत्वपूर्ण बैठक मॉस्को में भी आयोजित की जा सकती है।

मिन्स्क समझौतों की विफलता से लिया सबक

रूसी राष्ट्रपति ने 2014 और 2015 के 'मिन्स्क समझौतों' का हवाला देते हुए कहा कि वे घंटों चलने वाली बेनतीजा चर्चाओं में समय बर्बाद नहीं करना चाहते। उन्होंने विशेषज्ञों को निर्देश दिया है कि वे कागजी कार्रवाई पहले पूरी करें, ताकि राष्ट्रपति स्तर की बैठक केवल औपचारिक हस्ताक्षर और समारोह के लिए हो। पुतिन का मानना है कि पिछली गलतियों को दोहराने के बजाय इस बार जमीनी हकीकत पर आधारित ठोस समाधान जरूरी है।

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क्या शांति की ओर बढ़ रहे हैं कदम?

फरवरी 2022 से शुरू हुआ यह संघर्ष अब अपने पांचवें साल में प्रवेश कर चुका है। इससे पहले सितंबर 2025 में भी पुतिन ने चीन यात्रा के दौरान जेलेंस्की से मिलने की बात कही थी, लेकिन तब उन्होंने केवल मॉस्को का विकल्प दिया था। अब रूस से बाहर निकलने का उनका सुझाव अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए एक नया और सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

हालांकि, यह देखना अभी बाकी है कि यूक्रेन और पश्चिमी देश पुतिन की इन शर्तों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

Location :  New Delhi

Published :  10 May 2026, 12:05 PM IST

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