पति को रास्ते से हटाने के लिए पत्नी ने प्रेमी संग रची हत्या की साजिश, सुपारी देकर कराया कत्ल

सिद्धार्थनगर में ई-रिक्शा चालक हरिश्चंद्र हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक पत्नी माया देवी ने प्रेमी नियाज अहमद के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची और सुपारी देकर वारदात को अंजाम दिलाया। पुलिस ने पत्नी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 8 September 2026, 8:27 PM IST

Siddharthnagar News: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले से रिश्तों को शर्मसार करने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक ई-रिक्शा चालक की हत्या का पुलिस ने खुलासा करते हुए बड़ा दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, जिस पत्नी के साथ जिंदगी बिताने का सपना लेकर हरिश्चंद्र अग्रहरि ने घर बसाया था, वही उसकी हत्या की साजिश में शामिल निकली। आरोप है कि पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर सुपारी किलर्स से पति की हत्या करवा दी। पुलिस ने इस मामले में मृतक की पत्नी माया देवी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों में नियाज अहमद, इरशाद और अब्दुल्ला भी शामिल हैं।

बुढ़ी राप्ती नदी के पास मिला था शव

मामला सिद्धार्थनगर जिले के थाना ढेबरुआ क्षेत्र का है। कुछ दिन पहले बुढ़ी राप्ती नदी के पास ई-रिक्शा चालक हरिश्चंद्र का शव संदिग्ध हालत में मिला था। शुरुआत में मामला हादसा दिखाने की कोशिश की गई थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी। मृतक के शरीर पर चोट के निशान मिले थे। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसओजी और ढेबरुआ पुलिस की संयुक्त टीम को जांच में लगाया।

शराब की आदत से परेशान थी पत्नी

पुलिस जांच में सामने आया कि हरिश्चंद्र शराब का आदी था। आरोप है कि नशे की हालत में वह अक्सर अपनी पत्नी माया देवी के साथ मारपीट करता था। इसी वजह से माया देवी परेशान रहने लगी थी। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान माया देवी का नियाज अहमद से प्रेम संबंध हो गया। आरोप है कि दोनों ने मिलकर हरिश्चंद्र को रास्ते से हटाने की योजना बना ली।

प्रेमी ने दी हत्या की सुपारी

पुलिस के अनुसार, नियाज अहमद ने अपने दो साथियों इरशाद और अब्दुल्ला को हरिश्चंद्र की हत्या की सुपारी दी थी। हत्या के लिए 1 लाख 10 हजार रुपये की रकम तय की गई थी, जिसमें से 60 हजार रुपये एडवांस के तौर पर दिए गए थे। साजिश के तहत आरोपियों ने हरिश्चंद्र को फोन कर ई-रिक्शा बुक किया। इसके बाद उसे सुनसान रास्ते पर ले जाया गया, जहां कथित तौर पर चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी गई।

हत्या को हादसा दिखाने की कोशिश

पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की कोशिश की। शव को नदी में फेंक दिया गया और ई-रिक्शा को सड़क किनारे इस तरह रखा गया कि मामला दुर्घटना जैसा लगे। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच में हत्या की सच्चाई सामने आ गई। पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई।

चाकू और मोबाइल बरामद

पुलिस ने 8 सितंबर 2026 को कार्रवाई करते हुए माया देवी, नियाज अहमद, इरशाद और अब्दुल्ला को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल चाकू और मोबाइल फोन भी बरामद किया है। सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।

पुलिस टीम को मिला इनाम

सिद्धार्थनगर के एसपी अभिषेक महाजन ने बताया कि पुलिस टीम ने ई-रिक्शा चालक हरिश्चंद्र हत्याकांड का सफल खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि हत्या अवैध संबंधों और आपसी विवाद के चलते की गई थी। इस कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम को एसपी की ओर से 20 हजार रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

Location :  Siddharthnagar

Published :  8 September 2026, 8:27 PM IST