Ram Mandir Ayodhya: कौन बनेगा राम मंदिर का पहला CEO, कल खुलेगा बड़ा राज!; किसके सिर सजेगा ताज?

अयोध्या राम मंदिर के पहले CEO की नियुक्ति को लेकर प्रक्रिया अंतिम दौर में पहुंच गई है। चयन समिति ने तीन नाम शॉर्टलिस्ट किए हैं, जिन पर राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक में चर्चा होगी। बैठक में CEO के साथ सचिव और खाली सदस्य पद पर भी फैसला संभव है। अब सबकी नजर ट्रस्ट की बैठक और होने वाले ऐलान पर है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 1 September 2026, 1:12 PM IST

Ayodhya: राम मंदिर की भव्यता पूरी दुनिया देख चुकी है, लेकिन अब मंदिर के प्रशासन की कमान किसके हाथ में होगी, इसको लेकर बड़ा फैसला होने वाला है। अयोध्या से निकलने वाली यह खबर सिर्फ एक नियुक्ति की नहीं, बल्कि राम मंदिर की आने वाली प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ी है। लंबे समय से चल रही CEO की चयन प्रक्रिया अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। चयन समिति ने तीन नामों को शॉर्टलिस्ट कर लिया है और अब इन नामों पर राम मंदिर ट्रस्ट की मुहर लगने का इंतजार है। बुधवार को होने वाली अहम बैठक में तीनों नामों पर विस्तार से चर्चा होगी और माना जा रहा है कि इसी बैठक में राम मंदिर के पहले CEO के नाम पर अंतिम फैसला हो सकता है।

मणिरामदास छावनी में होगी ट्रस्ट की अहम बैठक

राम मंदिर ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक अयोध्या की मणिरामदास छावनी में आयोजित की जाएगी। बैठक में चयन समिति की ओर से शॉर्टलिस्ट किए गए तीन नामों को ट्रस्ट के सामने रखा जाएगा। जानकारी के मुताबिक बैठक का दौर दोपहर करीब दो बजे से शुरू होने की संभावना है। चयन प्रक्रिया में शामिल सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और विशेषज्ञ सदस्य सुरेश हावड़े भी अयोध्या पहुंच चुके हैं।

पहली बार राम मंदिर में होगी CEO की नियुक्ति

राम मंदिर के प्रशासनिक और प्रबंधन कार्यों को नई व्यवस्था के तहत संचालित करने के लिए पहली बार CEO की नियुक्ति की जा रही है। मंदिर के विस्तार और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के साथ प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में CEO का पद बेहद अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि यह अधिकारी मंदिर से जुड़े प्रशासनिक कामकाज, प्रबंधन और विभिन्न व्यवस्थाओं के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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तीन नामों में से किस पर लगेगी मुहर?

CEO के लिए तीन नाम शॉर्टलिस्ट किए जाने के बाद अब सबसे ज्यादा चर्चा इसी बात को लेकर है कि आखिर ट्रस्ट किस उम्मीदवार को चुनेगा। हालांकि चयन समिति या ट्रस्ट की तरफ से इन नामों का आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है। ऐसे में बैठक से पहले अलग-अलग तरह की चर्चाएं जरूर चल रही हैं, लेकिन अंतिम फैसला ट्रस्ट की बैठक में ही होने की संभावना है।

CEO की नियुक्ति इसलिए भी अहम है क्योंकि राम मंदिर अब सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि देश और दुनिया से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की व्यवस्था से जुड़ा बड़ा संस्थान बन चुका है। ऐसे में प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए एक सक्षम अधिकारी की जरूरत महसूस की जा रही है।

सचिव पद पर भी हो सकता है बड़ा फैसला

ट्रस्ट की बैठक सिर्फ CEO की नियुक्ति तक सीमित रहने की उम्मीद नहीं है। सचिव पद को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसला हो सकता है। जानकारी के मुताबिक जगदीश ऑफले के नाम पर सचिव पद के लिए चर्चा होने की संभावना है। हालांकि इस पर अंतिम फैसला ट्रस्ट की बैठक में ही होगा। अगर सहमति बनती है तो बैठक के बाद इसकी औपचारिक घोषणा भी की जा सकती है।

खाली पदों को भरने की भी तैयारी

राम मंदिर ट्रस्ट में कुछ महत्वपूर्ण पद खाली होने के बाद नई नियुक्तियों की प्रक्रिया तेज हुई है। चढ़ावा चोरी से जुड़े मामले के बाद पूर्व महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद पद रिक्त होने की बात सामने आई है। इसके अलावा ट्रस्ट के सदस्य राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के निधन के बाद एक सदस्य पद भी खाली बताया जा रहा है।

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सदस्य पद के लिए इन नामों की चर्चा

खाली सदस्य पद को लेकर भी अलग-अलग नामों की चर्चा चल रही है। जानकारी के मुताबिक राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के बेटे और साहित्यकार यतींद्र मिश्र के नाम पर विचार किए जाने की चर्चा है। वहीं विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय महासचिव बजरंग लाल बांगड़ा को भी ट्रस्ट में शामिल किए जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं।

CEO के चयन से बदल सकती व्यवस्था

राम मंदिर में CEO की नियुक्ति को सिर्फ एक पद भरने की प्रक्रिया के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। यह मंदिर के प्रशासनिक ढांचे को व्यवस्थित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। राम मंदिर में हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। आने वाले समय में अयोध्या में धार्मिक पर्यटन और श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना के बीच मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं को बेहतर तरीके से संचालित करना बड़ी जिम्मेदारी होगी। ऐसे में CEO के कंधों पर प्रशासनिक समन्वय और प्रबंधन की बड़ी जिम्मेदारी आने वाली है।

Location :  Ayodhya

Published :  1 September 2026, 1:12 PM IST