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कौन हैं शाश्वत आचार्य जी महाराज? (IMG: Dynamite News)
Vrindavan: सोशल मीडिया पर इन दिनों 19 साल के शाश्वत आचार्य जी महाराज की खूब चर्चा हो रही है। कम उम्र, आध्यात्मिक जीवन, माथे पर वैष्णव तिलक और भागवत कथा सुनाने के अंदाज ने लोगों का ध्यान खींचा है। इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहे उनके वीडियो देखने के बाद लोग जानना चाहते हैं कि आखिर शाश्वत आचार्य जी महाराज कौन हैं, कहां रहते हैं और इतनी कम उम्र में उन्होंने आध्यात्मिक क्षेत्र में अपनी पहचान कैसे बनाई। सोशल मीडिया पर उन्हें ‘जेन जी बाबा’ के नाम से भी बुलाया जा रहा है। शाश्वत आचार्य जी महाराज का जन्म संत परिवार में हुआ बताया जाता है। उनके पिता स्वामी वृंदावन आचार्य जी महाराज भी संत हैं।
श्री स्वामी शाश्वत आचार्य जी महाराज का जन्म 5 अगस्त 2007 को वृंदावन में हुआ था। उनके पिता स्वामी वृंदावन आचार्य जी महाराज आध्यात्मिक क्षेत्र से जुड़े हैं। शाश्वत आचार्य जी को वृंदावन स्थित श्री धाम गोदा विहार मंदिर का पीठाधीश्वर बताया जाता है। उनके मामा आशुतोष शुक्ला के मुताबिक, शाश्वत महाराज फिलहाल वृंदावन में परिवार के साथ रहते हैं। वह अपनी पढ़ाई और दीक्षा से जुड़ी प्रक्रिया में भी लगे हुए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनकी पढ़ाई मथुरा के गिरिराज महाराज लॉ कॉलेज से बीए-एलएलबी में बताई गई है। हालांकि, उनकी पढ़ाई की मौजूदा स्थिति और डिग्री पूरी होने की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
शाश्वत आचार्य जी महाराज के बचपन को लेकर परिवार की ओर से कई बातें बताई जाती हैं। परिवार के मुताबिक, जब उनकी उम्र महज चार साल थी, तब वह भगवद्गीता के श्लोकों का उच्चारण करने लगे थे। इसी उम्र में उन्होंने मंच पर बैठकर छोटी-छोटी कथाएं और प्रवचन देना भी शुरू कर दिया था। जिस उम्र में बच्चे आमतौर पर खेल-कूद में व्यस्त रहते हैं, उस उम्र में शाश्वत का धार्मिक ग्रंथों और कथा-वाचन की ओर झुकाव दिखाई देने लगा था। धीरे-धीरे उन्होंने श्रीमद्भागवत कथा और प्रवचन के जरिए अपनी पहचान बनानी शुरू की। हालांकि, बचपन से जुड़ी इन जानकारियों का आधार परिवार के बयान हैं।
कौन हैं शाश्वत आचार्य जी महाराज? (IMG: Dynamite News)
शाश्वत आचार्य जी का पालन-पोषण ऐसे परिवार में हुआ, जहां धार्मिक गतिविधियां रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा थीं। पिता के संत होने के कारण उन्हें बचपन से ही आध्यात्मिक वातावरण मिला। भजन-कीर्तन, धार्मिक चर्चाओं और शास्त्रों से जुड़ाव ने उनके व्यक्तित्व को प्रभावित किया। परिवार के अनुसार, छोटी उम्र से ही उन्होंने कथा-वाचन में रुचि दिखाई। समय के साथ इस क्षेत्र में उनकी सक्रियता बढ़ती गई। आज वह भागवत कथा और आध्यात्मिक गतिविधियों के कारण लोगों के बीच चर्चा में हैं।
शाश्वत आचार्य जी महाराज के वीडियो और तस्वीरें इंस्टाग्राम पर तेजी से साझा की जा रही हैं। उनके शांत स्वभाव, कंधे तक घुंघराले बाल, माथे पर वैष्णव तिलक और पारंपरिक संत वेशभूषा की वजह से भी लोग उनकी चर्चा कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स उन्हें ‘जेन जी बाबा’ कहकर संबोधित कर रहे हैं। इसकी वजह उनकी कम उम्र और आध्यात्मिक जीवनशैली को माना जा रहा है। 19 साल की उम्र में कथा-वाचन और धार्मिक गतिविधियों से जुड़ाव ने उन्हें युवाओं के बीच भी चर्चा का विषय बना दिया है।
शाश्वत आचार्य जी महाराज को लेकर सामने आई जानकारी के अनुसार, वह धार्मिक गतिविधियों के साथ अपनी पढ़ाई पर भी ध्यान दे रहे हैं। उनके मामा आशुतोष शुक्ला ने बताया है कि वह फिलहाल पढ़ाई और दीक्षा की प्रक्रिया में हैं। उनकी शिक्षा को लेकर बीए-एलएलबी का उल्लेख मिलता है, लेकिन डिग्री पूरी होने की पुष्टि नहीं है।
Location : Vrindavan
Published : 1 November 2026, 12:22 PM IST
Topics : Gen Z Baba Goda Vihar Temple Shashwat Acharya Ji Maharaj Shashwat Maharaj Biography Vrindavan News