बलिया में कामजी गोंड की मौत पर बवाल, आखिर थाने में क्या हुआ था? हाईवे पर लगा जाम

बलिया के रेवती थाना क्षेत्र में 50 वर्षीय कामजी गोंड की मौत के बाद परिजनों ने पुलिस पर गंभीर पिटाई का आरोप लगाया है। शव गांव पहुंचने के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने रेवती-बलिया मार्ग जाम कर निष्पक्ष जांच, दोषियों की गिरफ्तारी और आर्थिक सहायता की मांग की।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 12 July 2026, 5:20 PM IST

Ballia : रेवती थाना क्षेत्र के गायघाट निवासी 50 वर्षीय कामजी गोंड की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। परिजनों ने पुलिस पर बर्बर पिटाई का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और मुआवजे की मांग की है।

शव पहुंचते ही ग्रामीणों ने लगाया जाम

शनिवार देर रात पुलिस की निगरानी में कामजी गोंड का शव गांव पहुंचा। रविवार सुबह आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने करीब 10 बजे रेवती-बलिया मुख्य मार्ग जाम कर दिया।

सूचना मिलते ही एएसपी दक्षिणी संजय वर्मा, एसडीएम बांसडीह अभिषेक प्रियदर्शी, सीओ बैरिया आलोक कुमार गुप्ता, सीओ मंजरी राव सहित पांच थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली। करीब आधे घंटे तक समझाने के बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त कर दिया।

बेटे के विवाद में पिता को थाने ले जाने का आरोप

बताया जा रहा है कि सात जुलाई को गायघाट के खेदन चौराहे पर कामजी गोंड के पुत्र विशाल और गांव निवासी सूरज कनौजिया के बीच विवाद हुआ था। इस मामले में सूरज पक्ष की ओर से थाने में तहरीर दी गई थी।

परिजनों का आरोप है कि पुलिस आठ जुलाई को विशाल को पूछताछ के लिए बुलाने उसके घर पहुंची थी लेकिन विशाल के नहीं मिलने पर उसके पिता कामजी गोंड को उठाकर थाने ले गई। आरोप है कि थाने में उनके साथ मारपीट की गई।

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इलाज के दौरान वाराणसी में हुई मौत

परिजनों के अनुसार, कथित पिटाई के बाद कामजी की हालत बिगड़ गई। उन्हें पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेवती ले जाया गया। जहां से जिला अस्पताल बलिया रेफर कर दिया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें वाराणसी भेजा गया। जहां शुक्रवार देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

शनिवार को वाराणसी में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद देर रात पुलिस की निगरानी में शव गांव पहुंचाया गया।

घायल अवस्था में मठिया के पास छोड़ने का आरोप

मृतक की पत्नी कलावती देवी ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी उनके पति को घर से लेकर गए थे। काफी मिन्नत करने के बाद भी पुलिस नहीं मानी। बाद में कामजी को घायल अवस्था में ठगनी माई के मठिया के पास छोड़ दिया गया। जहां से परिजन उन्हें अस्पताल लेकर गए।

मृतक की भांजी लक्ष्मी ने भी आरोप लगाया कि पुलिस कामजी को घर से थाने ले गई और मारपीट के बाद मठिया के पास छोड़कर चली गई।

मुकदमा दर्ज, दोबारा पोस्टमार्टम की मांग

मृतक के पुत्र विशाल की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। तहरीर में पुलिसकर्मियों सहित अन्य लोगों पर मारपीट कर गंभीर रूप से घायल करने का आरोप लगाया गया है। परिजनों ने शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने, दोषियों की गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और आर्थिक सहायता की मांग की है।

निष्पक्ष होगी जांच : एसडीएम

एसडीएम बांसडीह अभिषेक प्रियदर्शी ने बताया कि विशाल और सूरज के बीच मारपीट का मामला था। पुलिस विशाल के पिता कामजी गोंड को पूछताछ के लिए थाने लेकर गई थी। पूछताछ के बाद उन्हें घर भेज दिया गया था।

उन्होंने बताया कि तबीयत खराब होने पर कामजी को सीएचसी और बाद में बीएचयू ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों की मुख्य मांग निष्पक्ष जांच और आर्थिक सहायता की है।

Location :  Ballia

Published :  12 July 2026, 5:20 PM IST