जीजा की ‘आधी घरवाली’ से बीवी बनना चाहती थी साली साहिबा, बीच में आई बहन तो 15 साल पहले खेत में ले जाकर कर दिया था काम-तमाम

बरेली के चर्चित बहन हत्याकांड में 15 साल बाद अदालत ने फैसला सुनाया है। अपनी ही सगी बहन की हत्या की साजिश रचने वाली छोटी बहन को कोर्ट ने आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है। पुलिस जांच में जीजा-साली के अवैध संबंध और हत्या की साजिश का खुलासा हुआ था...

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 21 September 2026, 5:49 PM IST

Bareilly: उत्तर प्रदेश के बरेली में रिश्तों को शर्मसार करने वाले एक सनसनीखेज हत्याकांड में अदालत ने 15 साल बाद फैसला सुनाया है। अपनी ही सगी बहन की हत्या की साजिश रचने वाली छोटी बहन को कोर्ट ने दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत के फैसले के बाद साल 2011 के इस चर्चित मामले में आखिरकार कानून ने आरोपी को सजा तक पहुंचा दिया।

जीजा-साली के रिश्ते में बहन बनी थी रोड़ा

यह पूरा मामला बरेली के भोजीपुरा थाना क्षेत्र का है। साल 2011 में सामने आए इस मामले ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था। मृतका के भाई ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसकी बहन की शादी पीलीभीत निवासी युवक से हुई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतका की छोटी बहन और उसके जीजा के बीच प्रेम संबंध बन गए थे। आरोप था कि जब बड़ी बहन दोनों के रिश्ते में बाधा बनने लगी तो उसे रास्ते से हटाने की साजिश रच ली गई। इस मामले में आरोपी जीजा की मुकदमे की सुनवाई के दौरान ही मौत हो चुकी है।

शौच के बहाने खेत में ले जाकर की गई हत्या

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, 18 जून 2011 की रात मृतका अपने पति के साथ मायके आई हुई थी। इसी दौरान उसकी छोटी बहन उसे शौच के बहाने खेतों की ओर लेकर गई। आरोप है कि खेत में पहले से मौजूद जीजा और छोटी बहन ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी बहन ने पुलिस को गुमराह करने के लिए एक झूठी कहानी भी तैयार की। उसने शोर मचाकर बताया कि चार बदमाश उसकी बहन का अपहरण कर ले गए हैं। लेकिन पुलिस को इस कहानी पर शक हुआ और जांच आगे बढ़ाई गई।

पूछताछ में खुला हत्या की साजिश का राज

पुलिस ने जब मामले की गहराई से जांच की तो अपहरण की कहानी संदिग्ध लगी। कड़ाई से पूछताछ के बाद हत्या की पूरी साजिश का खुलासा हो गया। पुलिस ने आरोपी बहन और उसके जीजा को गिरफ्तार कर लिया था। जांच के दौरान पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार, छुरी, कुल्हाड़ी और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए थे।

12 गवाहों और सबूतों के आधार पर फैसला

मामले की सुनवाई एडीजे प्रथम ज्ञान त्रिपाठी की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 12 गवाह पेश किए गए और कई महत्वपूर्ण सबूत अदालत के सामने रखे गए। सरकारी अधिवक्ता के मुताबिक, अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर छोटी बहन को हत्या का दोषी पाया। कोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। सरकारी अधिवक्ता ने बताया कि यह जघन्य अपराध था, जिसमें जीजा-साली के रिश्ते के चलते सगी बहन की हत्या की गई थी। उन्होंने कहा कि बरामदगी और गवाहों की गवाही ने मामले को साबित करने में अहम भूमिका निभाई।

Location :  Bareilly

Published :  21 September 2026, 5:49 PM IST