उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात से साइबर ठगी का मामला सामने आया जिसमें ठगों ने युवक के मोबाइल चोरी के बाद युवक के खाते से हजारों रुपए उड़ा लिए। मामले में पुलिस ने कहा कि हमेशा ऑनलाइन लेनदेन व मोबाइल का प्रयोग करने के दौरान यह बातें याद रखें।

पुलिस ने वापस कराई धनराशि
Kanpur Dehat: उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में साइबर ठगों ने पहले एक युवक का मोबाइल चोरी किया और फिर उसके खाते से रुपए पार कर दिए। जिले के शिवली कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत भीखर नौबस्ता गांव निवासी उमेश साइबर ठगी का शिकार हो गया था। पीड़ित के अनुसार बीती 31 अक्टूबर 2025 को उसका मोबाइल फोन चोरी हो गया था। फोन चोरी होने के बाद अज्ञात साइबर ठगों ने उसके बैंक खाते से 85 हजार रुपये की धनराशि निकाल ली। जब खाते से रकम निकलने की जानकारी पीड़ित को हुई तो उसके होश उड़ गए।
पीड़ित ने इस नंबर पर दर्ज करायी शिकायत
पीड़ित उमेश ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल 01 नवंबर 2025 को साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत दर्ज होते ही मामला थाना शिवली पुलिस के संज्ञान में आया। पुलिस द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित जांच शुरू की गई और संबंधित बैंक व साइबर सेल से समन्वय स्थापित किया गया।
लगातार प्रयास और जांच के बाद रविवार को पुलिस को बड़ी सफलता मिली। पुलिस की सक्रियता के चलते शिकायतकर्ता के खाते में 73,285 रुपये की धनराशि वापस करा दी गई। रकम वापस मिलने के बाद पीड़ित ने राहत की सांस ली।
पुलिस ने जनता को किया जागरूक
इस पूरी कार्रवाई में थाना शिवली की पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही। धनराशि वापस कराने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक प्रवीन कुमार यादव तथा महिला कांस्टेबल प्रीति सोनकर शामिल रहीं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर ठगी के मामलों में समय पर शिकायत दर्ज कराना बेहद जरूरी है, जिससे पीड़ित की धनराशि को बचाया जा सके। शिवली पुलिस की इस तत्पर कार्रवाई से क्षेत्र में आम जनता का पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।
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साथ ही पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल चोरी या साइबर ठगी की शिकार होने की स्थिति में तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। आपको अपने बैंक अकाउंट, यूपीआई या किसी एप के ओटीपी को किसी दूसरे व्यक्ति के साथ साझा नहीं करना चाहिए। बैंक की ओर से कभी भी आपसे ओटीपी, पासवर्ड या पिन नहीं मांगा जाता है।