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बीते दिन रायबरेली के जिला अस्पताल में अपर निदेशक स्वास्थ्य जे पी गुप्ता ने जिला अस्पताल का मुआयना किया । जिसकी रिपोर्ट आने वाले समय में उनको अपने से उच्च अधिकारियों और शासन के पास भेजनी है। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा…पढिये यह खबर
अस्पताल में दवाओं के लिए तरसे लोग
रायबरेली: बीते दिन रायबरेली के जिला अस्पताल में अपर निदेशक स्वास्थ्य जे पी गुप्ता ने जिला अस्पताल का मुआयना किया । जिसकी रिपोर्ट आने वाले समय में उनको अपने से उच्च अधिकारियों और शासन के पास भेजनी है। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जिस अस्पताल में उनके खुद के निकलने के लिए जगह नहीं थी उस अस्पताल में उनको कोई भी शिकायत या असुविधा नहीं दिखाई दी ।
मरीजों की भारी भीड़ दवाओं के लिए तरसती
उन्हें कोई मरीज या तीमारदार ने शिकायत नही मिली।अपर निदेशक स्वास्थ्य ने जिला अस्पताल के आईसीयू, पीकू वार्ड और कुपोषण पुनर्वास केंद्र का जायजा लिया। लेकिन इस दौरान मरीजों की भारी भीड़ दवाओं के लिए तरसती रही। घंटों लाइन में लगने के बाद दवाएं मिलने की भी उम्मीद नहीं थी मरीजों में जिसका गुस्सा भी उनमें था।
लेकिन अपर निदेशक स्वास्थ्य ने बेहतर व्यवस्था के लिए जिला अस्पताल के सीएमएस की पीठ थपथपाई और चलते बने। आश्चर्यजनक रूप से उन्हें जिला अस्पताल में कई घंटे बिताने के बाद भी कोई शिकायत नहीं मिली। जबकि अस्पताल में शिकायतों का अंबार लगा हुआ था और अपन स्वास्थ्य निदेशक क्या कहते हुए मीडिया से रूबरू हुए की जिला अस्पताल में मौजूद भीड़ बता रही है कि लोगो को यहां मिलने वाली सुविधाओं पर भरोसा है।
सबसे बड़ी दिक्कत
एक तीमारदार ने बताया कि वह सुबह अपने पेशेंट को लेकर आ गए थे। घण्टो बाद डॉक्टर ने चेक करके दवा के लिए बोला। वह लगभग 3 घंटे दवा की लाइन में लग रहे। इसके बाद डॉक्टर अपनी सीट से 2 बजे ड्यूटी करके चले जाते हैं। दवा कैसे खाने है यह भी नही बताया गया। सबसे बड़ी दिक्कत तो यह है कि जो दवा लिखी गई वह सरकारी काउंटर पर पूरी मिलती भी नही है।
अपर निदेशक स्वास्थ्य जेपी गुप्ता ने बताया कि दिसंबर में मंडलों की समीक्षा बैठक हुई है। सभी मंडल के अधिकारियों एक दूसरे के मंडल की समीक्षा की। जो कमियां थी उसे एसीएस हेल्थ की अध्यक्षता में बैठक करके समझा गया। जिसके बाद कहा गया कि एक महीने में जो भी कमियां है उसे ठीक किया जाए।
आईसीयू वार्ड का दौरा
28 जनवरी तक हमे रिपोर्ट सबमिट करने को कहा गया था। उसी को लेकर वह 27 जनवरी को जिला अस्पताल रायबरेली आये थे। मैंने देखा कि एडिशनल डायरेक्टर को जब अस्पताल में चलने की जगह नही मिल रही है तो यह बताता है कि अस्पताल की साख अच्छी है लोगों को इस अस्पताल में विश्वास है। मैं 2 घण्टे तक यहां रहा कोई भी व्यक्ति शिकायत लेकर उनके पास नही आया। इस दौरे के दौरान उन्होंने आईसीयू वार्ड का दौरा किया। 6 महीने पहले यहां आईसीयू नाम की चीज नही थी लेकिन अब यह सबसे अच्छा मेंटेन है।
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उन्होंने कहा कि एनआरसी वार्ड में सीरियस पेशेंट का अच्छे से इलाज हो रहा है। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल जिस प्रकार से आम लोगों को कम खर्चे में उपचार दे रहा है उतने में प्राइवेट हॉस्पिटल इनका आर्थिक रूप से शोषण करते जो कि इनको मुफ्त इलाज दिया जा रहा है। मेरे पास कोई व्यक्ति अस्पताल द्वारा पैसे लेने की शिकायत लेकर भी नहीं आया। स्टाफ की कमी को लेकर मैं डेढ़ महीने से स्टडी कर रहा हूं। उसे भी बेलेंस किया जाएगा।