गोरखपुर पुलिस को वर्ष 2018 में नाबालिग के साथ हुए गंभीर लैंगिक अपराध के मामले में बड़ी न्यायिक सफलता हाथ लगी है। पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा अपराधियों को सजा दिलाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के अंतर्गत…पढिए पूरी खबर

नाबालिग से लैंगिक अपराध
गोरखपुर: जनपद गोरखपुर पुलिस को वर्ष 2018 में नाबालिग के साथ हुए गंभीर लैंगिक अपराध के मामले में बड़ी न्यायिक सफलता हाथ लगी है। पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा अपराधियों को सजा दिलाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के अंतर्गत प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप माननीय न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए कड़ा दंड सुनाया है।
क्या है पूरी खबर?
थाना गोरखनाथ पर वर्ष 2018 में पंजीकृत मु0अ0सं0 503/2018 अंतर्गत धारा 323, 506 भारतीय दंड संहिता एवं धारा 6 पाक्सो एक्ट के मामले में माननीय विशेष पाक्सो न्यायालय प्रथम, जनपद गोरखपुर द्वारा अभियुक्त राहुल चौहान पुत्र हरिश्चंद्र चौहान, निवासी दिग्विजयनगर कॉलोनी, हुमायूंपुर उत्तरी, थाना गोरखनाथ को नाबालिग के साथ लैंगिक अपराध का दोषी पाया गया। न्यायालय ने अभियुक्त को 11 वर्ष के कठोर कारावास तथा 10,500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती
यह मामला सामाजिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील और गंभीर प्रकृति का था, जिसमें पीड़ित नाबालिग को न्याय दिलाना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद गोरखपुर के निर्देशन में थाने के पैरोकार, विवेचक तथा मॉनिटरिंग सेल द्वारा निरंतर निगरानी रखते हुए साक्ष्यों को मजबूती से न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया ।
जघन्य अपराधों में दोषियों को सख्त सजा
परिणामस्वरूप, वर्षों पुराने मामले में भी अभियोजन पक्ष अपराध को सिद्ध कराने में सफल रहा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि “ऑपरेशन कनविक्शन” का मुख्य उद्देश्य ऐसे जघन्य अपराधों में दोषियों को सख्त सजा दिलाकर समाज में कानून का भय और पीड़ितों का न्याय व्यवस्था पर विश्वास मजबूत करना है। इस निर्णय से यह संदेश स्पष्ट है कि नाबालिगों के विरुद्ध अपराध करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा, चाहे मामला कितना ही पुराना क्यों न हो।
समाज के लिए भी एक मजबूत संदेश
इस महत्वपूर्ण दोषसिद्धि में अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (ADGC) राघवेन्द्र त्रिपाठी एवं ADGC अरविन्द श्रीवास्तव की प्रभावी और सशक्त पैरवी की अहम भूमिका रही, जिनके प्रयासों को न्यायालय ने भी सराहा।गोरखपुर पुलिस की यह सफलता न केवल पीड़ित परिवार के लिए न्याय की जीत है, बल्कि समाज के लिए भी एक मजबूत संदेश है कि अपराध चाहे कितना भी संगीन हो, कानून के शिकंजे से बचना संभव नहीं।