
दहेज हत्या प्रकरण का बड़ा खुलासा
गोरखपुर: वर्ष 2016 में जनपद के थाना बेलीपार क्षेत्र में घटित दहेज हत्या के एक संवेदनशील मामले में मा0 एडीशनल सेशंस जज/FTC-01, गोरखपुर ने बड़ा निर्णय सुनाते हुए तीन आरोपियों को 7-7 वर्ष के सश्रम कारावास और 8-8 हजार रुपये के अर्थदंड की सज़ा सुनाई है। यह फैसला पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित “ऑपरेशन कनविक्शन” के अंतर्गत प्रभावी मॉनिटरिंग और मजबूत पैरवी का परिणाम माना जा रहा है।
क्या है पूरी खबर?
दोषसिद्ध किए गए अभियुक्तों में शिवेश त्रिपाठी पुत्र सूर्य प्रकाश उर्फ शिवलार ,सूर्य प्रकाश उर्फ शिवलार पुत्र भवानी प्रसाद ,प्रेमा देवी पत्नी सूर्य प्रकाश उर्फ शिवलार सभी निवासी -अहिरौली, थाना बेलीपार, गोरखपुर शामिल हैं।इनके विरुद्ध थाना बेलीपार पर वर्ष 2016 में मु0अ0सं0 126/2016 के तहत धारा 304B, 498A भादवि तथा 3/4 डीपी एक्ट में गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया था। विवेचना में स्पष्ट हुआ कि विवाह के बाद लगातार दहेज की मांग और प्रताड़ना की वजह से पीड़िता की दुखद मृत्यु हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे “दहेज हत्या” की श्रेणी में लिया गया।
मामले की निरंतर मॉनिटरिंग
प्रकरण की सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से थाना पैरोकार, मॉनिटरिंग सेल तथा अभियोजन पक्ष की मेहनत निर्णायक साबित हुई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देशन में इस मामले की निरंतर मॉनिटरिंग की गई, जबकि अदालत में प्रभावी तर्क प्रस्तुत कर दोष सिद्ध करवाने में ADGC रमेश चन्द्र पाण्डेय और ADGC सिद्धार्थ सिंह की विशेष भूमिका रही।
8,000 रुपये का अर्थदंड देने का आदेश
अदालत ने कहा कि दहेज के नाम पर नवविवाहिता को प्रताड़ित करना और उसकी जान लेना समाज में अस्वीकार्य है तथा ऐसे अपराधियों को कठोर दंड मिलना आवश्यक है जिससे समाज में सख्त संदेश जाए। अदालत ने तीनों अभियुक्तों को 7 वर्ष का सश्रम कारावास और 8,000 रुपये का अर्थदंड देने का आदेश सुनाया।
पीड़ितों को न्याय दिलाना प्राथमिकता
इस फैसले के बाद पुलिस अधिकारियों ने कहा कि “ऑपरेशन कनविक्शन” के तहत लंबित गंभीर मामलों में तेजी लाई जा रही है और पीड़ितों को न्याय दिलाना प्राथमिकता है। इस सफल दोषसिद्धि को पुलिस की मजबूत पैरवी और न्यायालय की संवेदनशीलता का परिणाम बताया जा रहा है।
गोरखपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दहेज उत्पीड़न जैसे जघन्य अपराधों पर सख्ती जारी रहेगी और ऐसे मामलों में दोषियों को किसी भी प्रकार की राहत नहीं मिलेगी।
यह फैसला एक बार फिर साबित करता है कि कानून के दायरे में रहकर न्याय की लड़ाई लड़ने वालों को न्याय अवश्य मिलता है।
Location : गोरखपुर
Published : 20 November 2025, 8:57 PM IST
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