Banda: तुम्हें लेने आए हैं… इतना कहकर मामा ने जो किया, उसने पूरे यूपी को हिला दिया

एक मासूम बच्चा स्कूल से घर लौट रहा था और अचानक उसकी जिंदगी एक खौफनाक मोड़ पर पहुंच गई। जिस शख्स पर सबसे ज्यादा भरोसा था, वही अपहरणकर्ता निकला। एक्सप्रेसवे से लेकर रोहतक तक चली इस हाईटेक साजिश ने पुलिस को भी हैरान कर दिया।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 10 May 2026, 12:42 PM IST

Banda: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने रिश्तों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। बबेरू कोतवाली क्षेत्र के कृष्णानगर में 10 साल के मासूम हर्षित का अपहरण उसके ही मामा ने कर लिया। कहानी की शुरुआत एक साधारण बातचीत से हुई, “अरे तुम यहां कैसे, आओ बैठो, तुम्हें ही लेने आए हैं।” लेकिन यह पल देखते ही देखते एक खतरनाक अपहरण कांड में बदल गया।

स्कूल गेट से गायब हुआ बच्चा

हर्षित अपने दोस्त के साथ स्कूल से घर लौट रहा था। तभी काली कार में आए उसके मामा रामजी ने उसे रोका। मासूम ने जैसे ही अपने मामा को पहचाना, उसे लगा कि वह सुरक्षित है। इसी भरोसे का फायदा उठाकर रामजी उसे कार में बैठाकर ले गया। शुरुआत में उसे लगा कि मामा उसे घुमाने ले जा रहे हैं, लेकिन यह सफर किसी और ही साजिश की तरफ बढ़ रहा था।

रास्ते भर चलता रहा बहलाने का खेल

पुलिस पूछताछ में हर्षित ने बताया कि कार में उसके मामा आगे की सीट पर बैठे थे, जबकि पीछे दो और लोग मौजूद थे। रास्ते में उसे नमकीन और कोल्ड ड्रिंक दी गई। उसे लगातार यही कहा जाता रहा कि उसे घूमने ले जाया जा रहा है। लेकिन धीरे-धीरे उसे एहसास हुआ कि मामला कुछ और है।

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फोन कॉल से गहराया शक

अपहरण के बाद जब पुलिस जांच के लिए पहुंची तो एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ। हर्षित की मां रश्मि ने बताया कि कुछ दिनों पहले उसके भाई रामजी का फोन आया था। उसने सामान्य बातचीत के बाद हर्षित के बारे में पूछा और अचानक फोन काट दिया। इसी कॉल ने पुलिस का शक और गहरा कर दिया कि अपहरण में कोई करीबी शामिल हो सकता है।

हाईवे रूट से भागने की कोशिश

अपहरणकर्ताओं ने काली कार में फर्जी नंबर प्लेट लगाई थी और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से होते हुए आगरा एक्सप्रेसवे की ओर भाग निकले। रास्ते में टोल प्लाजा के CCTV फुटेज से पुलिस को अहम सुराग मिले। कार में हर्षित, उसका मामा और दो अन्य लोग साफ दिखाई दिए।

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रोहतक तक किया पीछा

पुलिस ने तकनीकी निगरानी के जरिए कार की लोकेशन ट्रेस की और टीम सीधे रोहतक पहुंच गई। वहां अपहरणकर्ताओं ने फिरौती के लिए 10 लाख रुपये की मांग की। उन्होंने हर्षित का एक वीडियो भी भेजा, जिसमें वह एक कमरे में बैठा कोल्डड्रिंक पीता दिख रहा था। इससे पुलिस को साफ हो गया कि बच्चा किसी होटल या कमरे में रखा गया है।

मोबाइल लोकेशन और फास्टैग से खुला पूरा राज

पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल के अनुसार, फास्टैग और मोबाइल ट्रैकिंग के जरिए गाड़ी की पहचान दिल्ली नंबर की निकली। इसके बाद पुलिस ने महज चार घंटे के अंदर रोहतक में अपहरणकर्ताओं तक पहुंचकर मासूम को सुरक्षित छुड़ा लिया।

Location :  Banda

Published :  10 May 2026, 12:42 PM IST