गठबंधन होगा या फिर कांग्रेस दिखाएगी बगावती तेवर? दिल्ली में हुई गुप्त बैठक के बाद यूपी की सियासत में गरमाया पारा

क्या कांग्रेस उत्तर प्रदेश में सपा से अलग चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है? पार्टी फिलहाल 200 सीटों पर तैयारी कर रही है, लेकिन गठबंधन का विकल्प भी खुला है। अब सबकी नजर सीटों के बंटवारे पर होने वाले अंतिम फैसले पर है।

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 20 October 2026, 2:49 PM IST
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Lucknow: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी फिलहाल प्रदेश की 200 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। हालांकि, समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ गठबंधन का विकल्प भी खुला रखा गया है। सोमवार को दिल्ली में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी के साथ उत्तर प्रदेश के नेताओं की बैठक में चुनावी रणनीति और सीटों को लेकर चर्चा हुई।

200 सीटों पर तैयारी

बैठक में तय किया गया कि कांग्रेस पहले उन सीटों पर अपनी तैयारी मजबूत करेगी, जहां पार्टी को चुनाव जीतने की संभावना दिखती है। इसके लिए प्राथमिकता वाली सीटों की सूची तैयार करने की रणनीति बनाई गई है। गठबंधन को लेकर अंतिम फैसला दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर होने की बात कही जा रही है।

प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम गठबंधन में बराबरी और सम्मान की बात करते रहे हैं। वहीं, सपा की ओर से कांग्रेस को 50 से 55 सीटें दिए जाने की चर्चा सामने आई है। हालांकि, सीटों के बंटवारे को लेकर अभी कोई अंतिम समझौता घोषित नहीं हुआ है।

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प्रियंका गांधी के साथ बैठक में ये नेता रहे मौजूद

दिल्ली में हुई बैठक में प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ और कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद शामिल हुए। बैठक में प्रदेश की राजनीतिक स्थिति, संगठन के विस्तार और उन विधानसभा क्षेत्रों पर चर्चा की गई, जहां कांग्रेस अपनी स्थिति मजबूत मानती है। पार्टी की रणनीति के तहत संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय करने और चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं की भूमिका बढ़ाने पर भी विचार किया गया।

दिल्ली रैली में यूपी से 25 हजार कार्यकर्ता जुटाने का लक्ष्य

कांग्रेस की ओर से 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली आयोजित करने की तैयारी है। पार्टी के अनुसार, रैली में वोट चोरी के आरोपों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग जैसे मुद्दे उठाए जाएंगे। उत्तर प्रदेश से इस कार्यक्रम में 25 हजार से अधिक कार्यकर्ताओं को शामिल कराने का लक्ष्य रखा गया है।

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रैली के बाद यूपी में तेज होंगी चुनावी गतिविधियां

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली रैली के बाद कांग्रेस उत्तर प्रदेश में चुनावी गतिविधियों को गति दे सकती है। इसके साथ ही संगठन में बदलाव और विस्तार की संभावनाओं पर भी काम किया जाएगा। ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की रणनीति और सपा के साथ संभावित गठबंधन पर राजनीतिक नजरें बनी रहेंगी।

Location :  Lucknow

Published :  20 October 2026, 2:49 PM IST

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