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प्रतीकात्मक तस्वीर (Img: Google)
Lucknow: उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश सरकार ने वर्षों से खाली पड़े शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों के पदों को भरने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। माध्यमिक विद्यालयों, राजकीय इंटर कॉलेजों, बेसिक शिक्षा परिषद स्कूलों और उच्च शिक्षा संस्थानों में करीब 85 हजार पदों पर भर्ती की तैयारी शुरू हो गई है।
विभागों की ओर से रिक्त पदों का अधियाचन उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को भेजा जा रहा है। माना जा रहा है कि लंबे समय बाद शिक्षा विभाग में इतने बड़े स्तर पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होने जा रही है।
राजकीय इंटर कॉलेजों में एलटी ग्रेड और प्रवक्ता संवर्ग के 8905 रिक्त पदों का अधियाचन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को भेजा जा चुका है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। अपर शिक्षा निदेशक (राजकीय) अजय द्विवेदी के मुताबिक अन्य रिक्त पदों का अधियाचन भी जल्द आयोग को भेजा जाएगा।
माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से सहायता प्राप्त विद्यालयों के 4512 स्कूलों में शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के 23213 पदों का ऑफलाइन अधियाचन शिक्षा सेवा चयन आयोग को भेजा गया है। इसके साथ ही ऑनलाइन प्रक्रिया भी तेजी से पूरी की जा रही है। इन पदों में टीजीटी और पीजीटी शिक्षकों के अलावा प्रधानाचार्य पद भी शामिल हैं। विभाग का मानना है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी होने से लंबे समय से शिक्षकों की कमी झेल रहे स्कूलों को राहत मिलेगी।
उच्च शिक्षा विभाग में भी करीब 4000 पदों पर भर्ती की तैयारी चल रही है। इनमें एडेड कॉलेजों के लगभग 2200 असिस्टेंट प्रोफेसर और 175 प्राचार्यों के पद शामिल हैं। इसके अलावा राजकीय डिग्री कॉलेजों में 1553 असिस्टेंट प्रोफेसर, 158 लिपिक और कनिष्ठ सहायक, निदेशालय के 26 लिपिक और कई स्टेनो पदों का अधियाचन भेजा जा चुका है। प्रदेश में इस समय 330 एडेड, 216 राजकीय और 21 अल्पसंख्यक डिग्री कॉलेज संचालित हैं। हालांकि अल्पसंख्यक कॉलेजों के करीब 150 पदों का अधियाचन अभी लंबित बताया जा रहा है।
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बेसिक शिक्षा परिषद में भी बड़े पैमाने पर भर्ती की तैयारी की जा रही है। नगर क्षेत्र के करीब 15 हजार पदों का अधियाचन शिक्षा सेवा चयन आयोग को भेज दिया गया है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में 30 हजार प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक पदों पर भर्ती की तैयारी चल रही है। हालांकि इस प्रक्रिया में हाईकोर्ट के एक आदेश के कारण तकनीकी अड़चन बनी हुई है। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेंद्र तिवारी ने बताया कि विधिक राय मिलने के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।
शिक्षा मंत्रालय की संसदीय समिति की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश में शिक्षकों के करीब 2.17 लाख पद खाली हैं। इनमें लगभग 1.43 लाख पद प्राथमिक विद्यालयों के हैं। समिति ने सरकार को समयबद्ध तरीके से इन पदों को भरने की सिफारिश की है। माना जा रहा है कि मौजूदा भर्ती प्रक्रिया इसी दिशा में बड़ा कदम है।
अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में टीजीटी और पीजीटी के 24849 पद रिक्त हैं। इनमें 4384 पद प्रवक्ताओं के हैं। शिक्षा सेवा चयन आयोग पीजीटी परीक्षा करा चुका है, जबकि टीजीटी परीक्षा जून में प्रस्तावित है। इसके अलावा बेसिक शिक्षा के एडेड विद्यालयों में 634 सहायक अध्यापक और 91 प्रधानाध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया भी जारी है। असिस्टेंट प्रोफेसर के 635 पदों पर लंबित मामलों के साथ भर्ती आगे बढ़ाई जा रही है।
प्रदेश में लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए यह खबर बड़ी राहत मानी जा रही है। शिक्षा विभाग में इतने बड़े स्तर पर भर्तियां शुरू होने से न सिर्फ रोजगार के अवसर बढ़ेंगे बल्कि स्कूलों और कॉलेजों में शिक्षकों की कमी भी दूर होने की उम्मीद है।
Location : Prayagraj
Published : 16 May 2026, 10:29 AM IST