Seraikela Kharsawan News: लैब से बाहर निकलेगा नवाचार? जानें एनआईटी जमशेदपुर में तकनीक को ‘आम आदमी’ से जोड़ने की नई पहल

एनआईटी जमशेदपुर में आयोजित सेमिनार में विशेषज्ञों ने तकनीकी नवाचारों को आम आदमी के जीवन से जोड़ने और समावेशी विकास पर चर्चा की। पढ़ें पूरी खबर..

Updated : 11 May 2026, 11:16 PM IST
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Seraikela Kharsawan: सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर में 'राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस' के अवसर पर एक भव्य सेमिनार का आयोजन किया गया। संस्थान के आउटरीच एक्टिविटीज विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य विषय 'समावेशी विकास के लिए जिम्मेदार नवाचार' रखा गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने और तकनीकी संप्रभुता हासिल करने के रोडमैप पर गहन चर्चा की।

पोखरण की सफलता से मिली नई दिशा

सेमिनार के दौरान वक्ताओं ने याद दिलाया कि वर्ष 1998 में आज ही के दिन पोखरण में परमाणु परीक्षण कर भारत ने अपनी तकनीकी शक्ति का लोहा पूरी दुनिया में मनवाया था। इसी गौरवशाली इतिहास को प्रेरणा बनाकर भविष्य की चुनौतियों और नवाचारों पर विमर्श किया गया। कार्यक्रम का आयोजन संस्थान के डीएलजेएचसी-212 सभागार में किया गया।

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तकनीक को समाज के अंतिम पायदान तक पहुँचाना लक्ष्य: डॉ. सारस्वत

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित नीति आयोग के सदस्य डॉ. विजय कुमार सारस्वत ने अपने संबोधन में कहा कि तकनीकी नवाचार तभी सार्थक है जब उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। उन्होंने 'डीप टेक' (Deep Tech) के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने और जिम्मेदार अनुसंधान को बढ़ावा देने पर जोर दिया। डॉ. सारस्वत ने युवाओं को विज्ञान और अनुसंधान के माध्यम से देश के समावेशी विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

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प्रमुख हस्तियों की रही गरिमामयी उपस्थिति

एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रोफेसर गौतम सूत्रधार ने कार्यक्रम के संरक्षक के रूप में शिरकत की, जबकि सोना देवी विश्वविद्यालय के संस्थापक एवं कुलाधिपति प्रभाकर सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सेमिनार में बड़ी संख्या में शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों ने भाग लिया।

"नवाचार केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे सामाजिक समस्याओं का समाधान खोजना चाहिए। विकसित भारत @2047 का सपना तभी पूरा होगा जब हम जिम्मेदार तकनीक को अपनाएंगे।"

प्रोफेसर गौतम सूत्रधार, निदेशक, एनआईटी जमशेदपुर

युवाओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बना कार्यक्रम

सेमिनार के समापन सत्र में विशेषज्ञों ने तकनीकी संप्रभुता (Technology Sovereignty) और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत की भूमिका पर प्रकाश डाला। यह कार्यक्रम न केवल युवाओं को विज्ञान के प्रति प्रेरित करने में सफल रहा, बल्कि देश के तकनीकी भविष्य को नई दिशा देने का एक सार्थक मंच भी साबित हुआ।

Location :  Seraikela Kharsawan

Published :  11 May 2026, 11:16 PM IST

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