West Singhbhum News: गुवा में आर-पार: मधु कोड़ा ने भरी हुंकार, क्या सेल प्रबंधन की एक ‘ना’ बढ़ाएगी झारखंड में और तनाव?

चाईबासा के गुवा में स्थानीय रोजगार और 72 मजदूरों की बहाली को लेकर सेल प्रबंधन के खिलाफ अनिश्चितकालीन चक्का जाम जारी है। पूर्व सीएम मधु कोड़ा के नेतृत्व में वार्ता बेनतीजा रही।

Updated : 11 May 2026, 10:45 PM IST
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West Singhbhum: पश्चिम सिंहभूम जिले के गुवा में सेल (SAIL) प्रबंधन के खिलाफ स्थानीय लोगों और मजदूरों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के नेतृत्व में चल रहा अनिश्चितकालीन चक्का जाम आंदोलन सोमवार को भी जारी रहा। प्रबंधन और आंदोलनकारियों के बीच हुई वार्ता बेनतीजा रहने के बाद आंदोलन और भी उग्र हो गया है।

वार्ता में नहीं बनी सहमति, सड़क पर डटे हजारों ग्रामीण

सोमवार को आंदोलनकारियों और सेल प्रबंधन के बीच मांगों को लेकर वार्ता का एक दौर चला। हालांकि, प्रबंधन की ओर से कोई ठोस प्रस्ताव न मिलने के कारण बातचीत विफल रही। इसके बाद बड़ी संख्या में स्थानीय मुंडा-मानकी, ग्रामीण और मजदूरों ने सड़क पर ही डेरा डाल दिया। चक्का जाम के कारण सेल की व्यावसायिक गतिविधियों पर व्यापक असर पड़ा है।

क्या हैं आंदोलनकारियों की मुख्य मांगें?

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने स्पष्ट किया कि यह पूरी लड़ाई स्थानीय लोगों के हक और उनके वाजिब अधिकारों की है। उनकी मुख्य मांगों में सेल प्रबंधन द्वारा काम से हटाए गए 72 मजदूरों की तत्काल ड्यूटी पर वापसी और स्थानीय बेरोजगार युवकों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देना शामिल है। इसके साथ ही उन्होंने मांग की है कि खनन से प्रभावित ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और उनके कानूनी अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।

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"आश्वासन से पेट नहीं भरता" - ग्रामीणों का आक्रोश

ग्रामीणों ने सेल प्रबंधन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रबंधन केवल आश्वासन देने में माहिर है। उनके अनुसार, 20 अप्रैल 2026 को हुए पिछले आंदोलन को भी प्रशासन के भरोसे पर टाला गया था, लेकिन उसके बाद 5 मई 2026 को हुई वार्ता भी बेनतीजा रही। बार-बार मिल रहे धोखे से नाराज ग्रामीणों ने अब यह कड़ा निर्णय लिया है कि जब तक उन्हें नियुक्ति पत्र या कोई ठोस लिखित आदेश प्राप्त नहीं होता, तब तक चक्का जाम समाप्त नहीं किया जाएगा।

इस संबंध में पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने स्थानीय लोगों का समर्थन करते हुए कहा कि उनकी मांगें पूरी तरह जायज हैं। उन्होंने प्रबंधन की आलोचना करते हुए कहा कि एक ओर जहां प्रबंधन यहां की खनिज संपदा का दोहन कर रहा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोग बेरोजगारी का दंश झेलने को मजबूर हैं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक इन मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक यह आंदोलन अनवरत जारी रहेगा।

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प्रशासनिक सतर्कता और आगामी रणनीति

आंदोलन स्थल पर हजारों की भीड़ को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है। मुंडा-मानकी प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि सेल प्रबंधन ने जल्द ही सकारात्मक रुख नहीं अपनाया, तो इस चक्का जाम को और भी व्यापक रूप दिया जाएगा। फिलहाल गुवा की सड़कों पर सन्नाटा है और खदानों से परिवहन पूरी तरह ठप है।

Location :  West Singhbhum News

Published :  11 May 2026, 10:45 PM IST

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