रायबरेली में धूमधाम से मनाई गई त्रिविधि पावनी बुद्ध पूर्णिमा, निकाली भव्य यात्रा, जानें कैसा रहा कार्यक्रम

रायबरेली में आज बुद्ध पूर्णिमा पर सद्भावना धम्म यात्रा निकाली गई। पूरी रिपोर्ट के लिए पढ़िए डाइनामाइट न्यूज़

रायबरेली: रायबरेली जनपद के विभिन्न सामाजिक संगठनों के संयुक्त तत्वाधान में आज हाथी पार्क स्थित अंबेडकर प्रतिमा स्थल पर तथागत बुद्ध के अनुयाई एकत्रित हुए। वहां सब ने बुद्ध वंदना, तिसरण और पंचशील ग्रहण किया। तत्पश्चात विश्व दलित परिषद के अध्यक्ष राजेश कुरील और अन्य के नेतृत्व में सद्भावना धम्म मैत्री यात्रा निकाली गई।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार यह सद्भावना धम्म मैत्री यात्रा हाथी पार्क स्थित अंबेडकर प्रतिमा स्थल से प्रारंभ होकर खालसा चौक, सुपरमार्केट, दीवानी कचहरी, बस स्टॉप, डीएम बंगला, संत गाडगे एवं बुद्ध चौराहा, अस्पताल चौराहा होते हुए पुनः अंबेडकर प्रतिमा स्थल पर समाप्त हुई। सद्भावना धम्म मैत्री यात्रा में विभिन्न महापुरुषों की झांकियों को प्रदर्शित किया गया।

यात्रा में लगाए ये नारे

हमें युद्ध नहीं बुद्ध चाहिए, भारत पूरा शुद्ध चाहिए। हे मानव तू मिलकर बोल बुद्धं सरणं गच्छामि, धम्मं सरणं गच्छामि, संघं सरणं गच्छामि। बौद्ध धम्म की क्या पहचान, मानव मानव एक समान आदि जन कल्याणकारी नारे लगाए गये।

यात्रा में शामिल हुए ये लोग 

इस यात्रा में डॉ सुनील दत्त, कमला बौद्ध, पिंकी दोहरे, संगीता रावत, रोहित चौधरी, अनिल कांत, इंजीनियर एस के आर्या, चंद्रशेखर, राजकुमार, दिनेश वाल्मीकि, शिव शंकर वाल्मीकि, राम सजीवन धीमान, के के मौर्य, राजकुमार मौर्य, अंजली मौर्या, मुन्ना लाल, जयप्रकाश, आसाराम रावत, समीर आनंद, महेश कुमार, बुद्धि लाल रावत, बंसीलाल सरोज, अशोक सावंत, श्रीराम वर्मा, सी.बी. गौतम, सत्येश गौतम, डी.डी. कुशवाहा, अजीत चौधरी, राम लखन गौतम, सोभनाथ, रामगोपाल आदि बुद्ध के अनुयाई शामिल रहे।

भगवान बुद्ध व बाबा साहेब की प्रतिमा का हुआ अनावरण

रायबरेली । राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने विकास खण्ड हरचंदपुर, ग्राम सेरी में पावन बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर भगवान बुद्ध की प्रतिमा एवं 'भारत रत्न' बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण किया।
यहां पर उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आज हम बुद्ध पूर्णिमा मना रहे हैं, जो बौद्ध धर्म के लिए एक महत्वपूर्ण पर्व है। यह दिन भगवान बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और निर्वाण के स्मरण के लिए मनाया जाता है।
यह दिन हमारे लिए एक प्रेरणादायक अवसर है कि हम भगवान बुद्ध के शिक्षाओं पर विचार करें, जो हमें करुणा, शांति और अहिंसा का मार्ग दिखाते हैं। बुद्ध पूर्णिमा हमें जीवन के महत्व को समझने और उसे बेहतर बनाने के लिए प्रेरित करती है। इस अवसर पर उन्होंने जनपद वासियों को बुद्ध पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं दी।

बुद्ध पूर्णिमा क्या है ?

गौरतलब है कि विश्व गुरु महाकारुणिक तथागत गौतम बुद्ध का जन्म 563 ईसा पूर्व वैशाख माह की पूर्णिमा को लुंबिनी वन में हुआ था। इसी वैशाख माह की पूर्णिमा को उन्हें बोधगया में 528 ईसा पूर्व संबोधि प्राप्त हुई थी तथा इसी वैशाख माह की पूर्णिमा को 483 ईसा पूर्व कुशीनगर में उनका महापरिनिर्वाण हुआ था। इसलिए इस वैशाख माह की पूर्णिमा को त्रिविधि पावनी बुद्ध पूर्णिमा कहा जाता है।

बुद्ध पूर्णिमा के इस अवसर पर डीएम बंगले के पास स्थित बुद्ध प्रतिमा पर मौर्य समाज द्वारा तथा हाथी पार्क स्थित अंबेडकर प्रतिमा स्थल पर एससी/एसटी टीचर वेलफेयर एसोसिएशन के द्वारा खीर दान की व्यवस्था की गई।

Location :  Raebareli

Published :  12 May 2025, 6:37 PM IST

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