हिंदी
बदायूं में जल जीवन मिशन की लापरवाही उजागर (IMG: Dynamite News)
Budaun: बदायूं के दातागंज में जल जीवन मिशन के तहत चल रहे काम में कथित लापरवाही का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सरकारी कामों की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोमवार को दातागंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र यानी CHC के मुख्य गेट पर मलबा ले जा रही ट्रैक्टर-ट्रॉली फंस गई। इसके बाद अस्पताल का मुख्य रास्ता पूरी तरह बंद हो गया।
रास्ता बंद होने से अस्पताल आने वाले मरीजों, तीमारदारों और कर्मचारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। लेकिन सबसे गंभीर स्थिति उस समय बन गई, जब एक प्रसूता को लेकर एंबुलेंस अस्पताल पहुंची और गेट के बाहर ही फंस गई।
बताया जा रहा है कि प्रसूता को तत्काल इलाज की जरूरत थी, लेकिन अस्पताल का मुख्य गेट बंद होने के कारण एंबुलेंस आगे नहीं बढ़ सकी। परिजनों ने रास्ता खुलवाने के लिए काफी प्रयास किए और जिम्मेदार लोगों से गुहार लगाई। ट्रैक्टर-ट्रॉली को हटाने में समय लगने के बाद स्थिति ऐसी हो गई कि परिजनों को खुद प्रसूता को एंबुलेंस से उतारना पड़ा। इसके बाद परिजनों ने उसे गोद में उठाकर अस्पताल के अंदर पहुंचाया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक दातागंज में जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन डालने के लिए कई स्थानों पर खुदाई की जा रही है। आरोप है कि खुदाई के बाद गड्ढों को ठीक तरीके से नहीं भरा जा रहा है। कई जगह सड़क किनारे मलबा भी पड़ा हुआ है। इसी मलबे को हटाने या ले जाने के दौरान सोमवार को ट्रैक्टर-ट्रॉली CHC के मुख्य गेट के पास फंस गई। ट्रॉली के फंसते ही अस्पताल का मुख्य प्रवेश मार्ग बाधित हो गया।
दातागंज के लोगों का कहना है कि जल जीवन मिशन के काम के कारण कस्बे के कई हिस्सों में परेशानी बढ़ गई है। जगह-जगह सड़क की खुदाई, कीचड़ और निर्माण सामग्री के कारण लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही है। बारिश के दौरान समस्या और गंभीर हो जाती है। खुदाई वाले स्थानों पर पानी और कीचड़ जमा होने से दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
जल जीवन मिशन का उद्देश्य ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में लोगों को पाइपलाइन के जरिए पानी उपलब्ध कराना है। लेकिन दातागंज में इसी योजना के तहत चल रहे कार्यों को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन काम के दौरान अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर आवागमन बाधित नहीं होना चाहिए। खासकर स्वास्थ्य केंद्र के मुख्य गेट को किसी भी स्थिति में लंबे समय तक बंद नहीं किया जाना चाहिए।
काश! वो गुस्सा पी लिया होता… बदायूं में मामूली बात पर उठा हाथ, और हमेशा के लिए खामोश हो गए दादा
घटना के बाद स्थानीय लोगों में संबंधित विभाग और कार्यदायी संस्था के खिलाफ नाराजगी है। लोगों ने जिलाधिकारी से मामले की जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य में लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही अस्पताल के आसपास चल रहे काम को इस तरह कराया जाए कि मरीजों और एंबुलेंस के आवागमन में किसी तरह की बाधा न आए।
Location : Budaun
Published : 24 August 2026, 9:01 PM IST