महराजगंज के पुरंदरपुर थाना क्षेत्र से 17 फरवरी की रात दुकान के सामने से चोरी हुई अर्टिगा कार को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर गोरखपुर के झगहा क्षेत्र से बरामद कर लिया। BNS 303(2) में मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच जारी।

यह कार हुई थी गायब
Maharajganj: महराजगंज के पुरंदरपुर इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब दुकान के सामने खड़ी अर्टिगा कार रातों-रात रहस्यमयी तरीके से गायब हो गई। सुबह आंख खुली तो गाड़ी का नामोनिशान नहीं था। पीड़ित ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और मामला दर्ज हुआ। लेकिन इस कहानी में ट्विस्ट तब आया जब पुलिस ने महज 24 घंटे के अंदर कार को गोरखपुर से बरामद कर लिया।
समरधीरा चौराहे से गायब हुई थी कार
पुरंदरपुर थाना क्षेत्र के समरधीरा चौराहे निवासी सोनू जैसवाल पुत्र अशोक जैसवाल ने बताया कि 17 फरवरी 2026 की रात उन्होंने अपनी सफेद रंग की अर्टिगा कार (UP53FE 0061) रोज की तरह अपनी अंशु प्रिंटिंग प्रेस की दुकान के सामने खड़ी की थी। सुबह जब उठकर बाहर देखा तो गाड़ी वहां नहीं थी। पहले तो उन्हें लगा शायद किसी ने कहीं और खड़ी कर दी हो, लेकिन काफी तलाश के बाद भी जब कुछ पता नहीं चला तो उन्होंने डायल 112 पर सूचना दी।
इसके बाद स्थानीय थाना पुरंदरपुर में तहरीर देकर गाड़ी बरामद करने की मांग की गई। पीड़ित ने बताया कि उन्होंने यह कार फरेंदा थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति से खरीदी थी, जबकि वाहन का रजिस्ट्रेशन गोरखपुर निवासी धनंजय यादव के नाम पर है।
BNS की धारा 303(2) में मुकदमा दर्ज
तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 0050/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस टीम ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मुखबिरों को भी सक्रिय किया। जांच के दौरान गाड़ी की लोकेशन को लेकर अहम सुराग मिला, जिसके आधार पर टीम ने तेजी से कार्रवाई की।
गोरखपुर से बरामद हुई अर्टिगा
पुलिस की सक्रियता का नतीजा रहा कि मुकदमा दर्ज होने के अगले ही दिन कार को गोरखपुर के झगहा थाना क्षेत्र से बरामद कर लिया गया। इस बरामदगी से पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली।
मामले में थाना प्रभारी मनोज राय ने बताया कि गाड़ी को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। यह पता लगाया जा रहा है कि गाड़ी चोरी के पीछे कौन लोग शामिल थे और क्या इसके पीछे कोई गिरोह सक्रिय है। फिलहाल पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की क्षेत्र में चर्चा हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर इसी तरह पुलिस सक्रिय रहे तो अपराध पर लगाम लगाई जा सकती है।