बाराबंकी जिले के बदोसराय क्षेत्र में मंगलवार सुबह NIA, ATS और STF की संयुक्त टीमों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खोर एत्महादपुर गांव में छापा मारा। इस दौरान राम लखन को हिरासत में लिया गया, जिसे पहले हिंद अस्पताल से पकड़ा गया था। केंद्रीय एजेंसियों की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत और जिज्ञासा दोनों देखी गई।

एनआईए (Image Source: GOOGLE)
Barabanki News : उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिला के बदोसराय थाना क्षेत्र अंतर्गत खोर एत्महादपुर गांव में मंगलवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA), एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की संयुक्त टीमें अचानक गांव पहुंचीं। सुबह करीब आठ बजे तीन गाड़ियों में सवार अधिकारी भारी सुरक्षा व्यवस्था के साथ राम लखन के घर पहुंचे और तत्काल तलाशी अभियान शुरू किया। केंद्रीय एजेंसियों की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत और जिज्ञासा दोनों देखी गई।
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सूत्रों के अनुसार, कार्रवाई से पहले टीम ने सफेदाबाद स्थित हिंद अस्पताल से राम लखन को हिरासत में लिया। जानकारी के अनुसार हाल ही में राम लखन की मां का आपरेशन होने की वजह से वह उस वक्त अस्पताल में ही मौजूद था। हिरासत के बाद एजेंसियों ने उसे साथ लेकर उसके पैतृक घर पर दबिश दी। दबिश के दौरान घर के भीतर आधुनिक उपकरणों और मशीनों की मदद से तलाशी ली गई, ताकि किसी भी इलेक्ट्रॉनिक या संदिग्ध सामग्री की जांच की जा सके। हालांकि, कई घंटे चली इस सर्चिंग के दौरान कोई भी आपत्तिजनक वस्तु बरामद नहीं हुई।
Baछापेमारी के बाद इलाके में राम लखन के कथित आतंकी संपर्कों को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। स्थानीय लोगों के अनुसार, इससे पहले इस तरह की किसी गतिविधि की जानकारी सामने नहीं आई थी, जिससे लोग और भी चौंक गए। पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि केंद्रीय एजेंसियों द्वारा रेड की गई है, लेकिन इसके पीछे के ठोस कारण और राम लखन की भूमिका को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि स्थानीय पुलिस भी अपने स्तर पर जांच कर रही है और एजेंसियों के साथ समन्वय बना हुआ है।
फिलहाल, राम लखन से पूछताछ जारी है और सुरक्षा एजेंसियां उसके संपर्कों, गतिविधियों और पृष्ठभूमि की गहनता से जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकेगा। वहीं, गांव में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, ताकि किसी भी तरह की अफवाह या तनाव की स्थिति न बने।