सुल्तानपुर के दीवानी एमपी एमएलए कोर्ट में राहुल गांधी ने मानहानि मामले में अपना बयान दर्ज कराया। उन्होंने इसे निराधार और राजनीति से प्रेरित बताया। अगली सुनवाई 9 मार्च को होगी।

एमपी एमएलए कोर्ट में पेश हुए राहुल गांधी
Sultanpur: राहुल गांधी आज सुल्तानपुर में दीवानी एमपी एमएलए कोर्ट में अपने बयान दर्ज कराने पहुंचे। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और रायबरेली सांसद ने कोर्ट में उपस्थित होकर मामले से संबंधित अपना पक्ष रखा। उनके अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने बताया कि राहुल गांधी ने अपने बयान में खुद के खिलाफ दायर मामले को निराधार और राजनीति से प्रेरित बताया।
यह मामला लगभग आठ साल पुराना है। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने एक प्रेस वार्ता में तत्कालीन बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष और वर्तमान गृह मंत्री अमित शाह पर एक आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी से नाराज सुल्तानपुर के बीजेपी नेता एवं पूर्व को-ऑपरेटिव चेयरमैन विजय मिश्रा ने परवादा दाखिल किया था। कोर्ट ने इसे लगभग तीन साल पहले स्वीकार कर लिया था और राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा चलाने का आदेश दिया था।
बीते वर्ष 20 फरवरी को राहुल गांधी ने सुल्तानपुर जाकर अपनी जमानत करवाई थी। 26 जुलाई को उन्होंने एमपी एमएलए कोर्ट में अपना बयान दर्ज करवा दिया था। 6 जनवरी को निर्धारित सुनवाई में उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया गया था, लेकिन राहुल गांधी उस दिन कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता संतोष पांडे ने बताया कि 20 फरवरी को राहुल गांधी को अपना बयान दर्ज कराने का अंतिम मौका दिया गया था।
कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी
राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमे में कल सुनवाई, आ सकता है बड़ा फैसला
आज राहुल गांधी ने सुल्तानपुर जाकर दीवानी एमपी एमएलए कोर्ट में अपना बयान दर्ज करवाया। उनके अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ल ने कहा कि राहुल ने अपने बयान में खुद के खिलाफ दायर मामले को निराधार बताया और राजनीतिक साजिश करार दिया। यह बयान दर्ज कराना मामले की सुनवाई के अगले चरण की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।
मुकदमे की अगली सुनवाई 9 मार्च को निर्धारित की गई है। इस दिन कोर्ट में दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। राजनीतिक गलियारों में इस मामले को लेकर बहस जारी है और कांग्रेस तथा बीजेपी दोनों ही इस मामले को अपनी रणनीति के तहत देख रही हैं।
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह मामला चुनावी माहौल और राजनीतिक तनाव से जुड़ा हुआ है। जबकि कोर्ट में कानूनी प्रक्रिया के तहत दलीलें सुनी जाती हैं, राजनीतिक दल इसे अपनी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बनाने में जुटे हैं। राहुल गांधी का बयान दर्ज कराना इस मामले में उनकी सक्रिय भूमिका को दर्शाता है।