
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का प्रदर्शन (फोटो सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Sonbhadra: आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा उत्तर प्रदेश के बैनर तले कार्यकत्रियों और सहायिकाओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन उग्र रूप ले सकता है।
ज्ञापन में कहा गया कि प्रदेश में सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर लागू करने में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की अहम भूमिका है। इसके बावजूद उन्हें अपने मूल अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। संगठन ने आरोप लगाया कि वर्षों से मांगें उठाने के बावजूद केवल आश्वासन ही मिला है, समाधान नहीं।
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जिलाध्यक्ष प्रतिमा सिंह ने बताया कि 8 मार्च 2026 को महिला दिवस के अवसर पर हुए आंदोलन के बाद सरकार ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया था। साथ ही चेतावनी दी गई थी कि यदि 30 अप्रैल तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ तो 1 मई से आंदोलन तेज किया जाएगा। अब समय सीमा बीतने के बाद संगठन में आक्रोश बढ़ गया है।
आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा ने स्पष्ट किया कि यह ज्ञापन विरोध नहीं, बल्कि अपने अधिकारों के लिए अंतिम प्रयास है। यदि इस बार भी मांगों की अनदेखी हुई तो आंदोलन अनिश्चितकालीन और व्यापक जनआंदोलन का रूप ले सकता है। संगठन ने कहा कि उनकी मांगें सिर्फ अपने अधिकारों की रक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए हैं।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है और सरकार की तरफ से ठोस निर्णय का इंतजार किया जा रहा है। समय पर कार्रवाई न होने पर आंदोलन राज्यव्यापी आंदोलन में बदल सकता है।
Location : Sonbhadra
Published : 1 May 2026, 4:09 PM IST