गोरखपुर में यूपी बोर्ड मूल्यांकन की धीमी रफ्तार, चौथे दिन भी कम उपस्थिति बनी बड़ी चुनौती

माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य जिले में चौथे दिन भी जारी रहा, लेकिन परीक्षकों की कम उपस्थिति के कारण मूल्यांकन की रफ्तार अपेक्षा के अनुरूप नहीं दिख रही है। पढ़ें पूरी खबर

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य जिले में चौथे दिन भी जारी रहा, लेकिन परीक्षकों की कम उपस्थिति के कारण मूल्यांकन की रफ्तार अपेक्षा के अनुरूप नहीं दिख रही है। जनपद के पांच मूल्यांकन केंद्रों पर रविवार को कुल 51,733 कॉपियों की जांच की गई, जिसमें हाईस्कूल और इंटरमीडिएट दोनों कक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाएं शामिल हैं।

क्या है पूरी घटना?

मिली आंकड़ों के अनुसार, चौथे दिन हाईस्कूल की 20,423 और इंटरमीडिएट की 31,310 कॉपियों का मूल्यांकन किया गया। हालांकि परिषद द्वारा जिले में कुल 3,763 परीक्षकों की तैनाती की गई है, लेकिन इसके मुकाबले मात्र 970 परीक्षक ही उपस्थित रहे। इस कम उपस्थिति ने मूल्यांकन कार्य की गति को प्रभावित किया है, जिससे समय पर परिणाम जारी करने को लेकर आशंका भी बढ़ने लगी है।
मूल्यांकन कार्य को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सभी केंद्रों पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती की है। साथ ही जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) और सह जिला विद्यालय निरीक्षक लगातार विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण कर रहे हैं।

केंद्र व्यवस्थापकों को आवश्यक दिशा-निर्देश

निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है और केंद्र व्यवस्थापकों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए जा रहे हैं, ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। कंट्रोल रूम प्रभारी किरन कुमार आरेतो ने बताया कि मूल्यांकन कार्य परिषद के दिशा-निर्देशों के अनुसार सुचारु रूप से संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से निरंतर निगरानी रखी जा रही है और यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि तय समय सीमा के भीतर सभी उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूरा हो सके।

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इसके बावजूद, परीक्षकों की कम उपस्थिति प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। यदि आने वाले दिनों में उपस्थिति में सुधार नहीं होता है, तो मूल्यांकन कार्य की गति और धीमी हो सकती है, जिससे परिणाम घोषित होने में देरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस चुनौती से कैसे निपटता है और क्या आगामी दिनों में मूल्यांकन केंद्रों पर परीक्षकों की संख्या बढ़ पाती है या नहीं। फिलहाल, छात्रों और अभिभावकों की निगाहें मूल्यांकन कार्य की प्रगति पर टिकी हुई हैं, जो उनके भविष्य से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ ।

Location : 
  • गोरखपुर

Published : 
  • 22 March 2026, 9:33 PM IST

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