Lucknow: सपा के विधायक विजय सिंह गोंड नहीं रहे, सोनभद्र में शोक की लहर

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दुद्धी विधायक विजय सिंह गोंड का लखनऊ के एसजीपीजीआई में निधन। लंबे समय से बीमार थे, दोनों किडनी खराब होने पर भर्ती कराया गया था। आदिवासी राजनीति के पितामह, आठ बार रहे विधानसभा सदस्य। सोनभद्र और आसपास के क्षेत्रों में उनके निधन से शोक की लहर।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 8 January 2026, 1:35 PM IST
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Lucknow: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दुद्धी से विधायक विजय सिंह गोंड का लखनऊ स्थित एसजीपीजीआई में इलाज के दौरान निधन हो गया। वे लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और उनकी दोनों किडनियां खराब हो गई थीं। हालत बिगड़ने के बाद उन्हें एसजीपीजीआई में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की पुष्टि विधानसभा अध्यक्ष अवधनारायण यादव ने की है।

आदिवासी राजनीति के पितामह

विजय सिंह गोंड को पूर्वांचल और सोनभद्र क्षेत्र में आदिवासी राजनीति का मजबूत स्तंभ माना जाता था। दुद्धी विधानसभा सीट पर उन्हें आदिवासी राजनीति का ‘पितामह’ कहा जाता था। उनके निधन की खबर मिलते ही सोनभद्र समेत आसपास के जिलों में शोक की लहर दौड़ गई। आदिवासी समाज ने एक ऐसे नेता को खो दिया है। जिसने दशकों तक उनकी आवाज को मजबूती से उठाया।

पहली बार विधानसभा चुनाव

विजय सिंह गोंड का राजनीतिक सफर बेहद साधारण पृष्ठभूमि से शुरू हुआ। वे वनवासी सेवा आश्रम में मात्र 200 रुपये मासिक मानदेय पर कार्य करते थे। साल 1979 में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर पहली बार विधानसभा चुनाव जीतकर राजनीति में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और लगातार जनता के बीच सक्रिय रहे।

अनुसूचित जनजाति दर्जे की लड़ाई

दुद्धी और ओबरा विधानसभा क्षेत्रों को अनुसूचित जनजाति सीट घोषित कराने के लिए विजय सिंह गोंड ने सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी लड़ाई लड़ी। यह संघर्ष आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए उनके समर्पण को दर्शाता है। वे हमेशा आदिवासी हितों को लेकर मुखर रहे। किसी भी मंच पर समझौता नहीं किया।

आठ बार विधायक

विजय सिंह गोंड के निधन को राजनीतिक, सामाजिक और आदिवासी समाज एक अपूरणीय क्षति मान रहा है। 1989 में उन्होंने अपने राजनीतिक गुरु रामप्यारे पनिका को हराकर आदिवासी राजनीति में नया अध्याय लिखा। विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े रहते हुए वे आठ बार विधानसभा सदस्य चुने गए। सदन में उन्होंने आदिवासी समाज के अधिकार, वनाधिकार और सामाजिक न्याय के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

Location : 
  • Lucknow

Published : 
  • 8 January 2026, 1:35 PM IST

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