सहारनपुर भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा उजागर, बायोमेट्रिक ने पकड़ा अभ्यर्थी, दो पहचान से मचा हड़कंप

सहारनपुर में पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान बायोमेट्रिक जांच में बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। अभ्यर्थी के पास दो अलग-अलग आधार कार्ड मिले, जिनमें अलग नाम और जन्मतिथि दर्ज थी। संदिग्ध पहचान सामने आने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर दस्तावेज सील कर दिए।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 10 June 2026, 12:46 PM IST

Saharanpur: सहारनपुर जिले में चल रही उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी नागरिक सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा के दौरान एक बड़ी गड़बड़ी का मामला सामने आया। गुरुनानक गर्ल्स इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर दूसरी पाली में परीक्षा दे रहे एक अभ्यर्थी को बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान संदिग्ध पाए जाने पर पकड़ लिया गया। जांच में उसके दस्तावेजों और पहचान में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।

बायोमेट्रिक सत्यापन में खुला फर्जीवाड़ा

जानकारी के अनुसार परीक्षा केंद्र पर केंद्र प्रभारी पुलिस निरीक्षक यतेंद्र कुमार, केंद्र व्यवस्थापक एवं प्रधानाचार्या बलविन्दर कौर तथा स्टैटिक मजिस्ट्रेट प्रवीण कुमार की मौजूदगी में परीक्षा कराई जा रही थी। इसी दौरान कार्यदायी संस्था से सूचना मिली कि अभ्यर्थी के आधार कार्ड का विवरण संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। निर्देश मिलने पर तय हुआ कि परीक्षा समाप्त होने के बाद उसका दोबारा बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा।

जब पुनः बायोमेट्रिक जांच की गई तो अभ्यर्थी की पहचान में स्पष्ट गड़बड़ी सामने आई। फिंगरप्रिंट और ई-केवाईसी मिलान में विसंगति पाए जाने के बाद अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में ले लिया।

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दो अलग-अलग पहचान वाले आधार कार्ड बरामद

तलाशी और दस्तावेजों की जांच के दौरान अभ्यर्थी के पास से कई महत्वपूर्ण कागजात बरामद हुए, जिनमें आधार कार्ड, प्रवेश पत्र, पैन कार्ड, अभ्यर्थी प्रति तथा ई-केवाईसी स्क्रीनशॉट शामिल हैं। जांच में सबसे बड़ी अनियमितता यह सामने आई कि उसके पास दो अलग-अलग नामों और विवरण वाले आधार कार्ड पाए गए।

एक आधार कार्ड में उसका नाम मुकेश कुमार पुत्र सत्यपाल दर्ज था, जिसमें जन्मतिथि 15 जुलाई 1997 अंकित थी। वहीं दूसरे आधार कार्ड में नाम प्रथमेश पुत्र सुनील टिकले तथा जन्मतिथि 5 अक्टूबर 2002 दर्ज पाई गई। दोनों पहचान पत्रों के अलग-अलग विवरण ने पूरे मामले को संदिग्ध और गंभीर बना दिया।

पुलिस ने किया गिरफ्तार, मामला दर्ज

बायोमेट्रिक सत्यापन और ई-केवाईसी जांच में लगातार गड़बड़ी पाए जाने के बाद परीक्षा केंद्र पर मौजूद अधिकारियों ने तुरंत कुतुबशेर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अभ्यर्थी को हिरासत में ले लिया और उसके खिलाफ धोखाधड़ी तथा फर्जी पहचान का उपयोग करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया।

बरामद सभी दस्तावेजों को मौके पर ही सील कर कब्जे में ले लिया गया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपी ने फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर परीक्षा में शामिल होने की कोशिश कैसे की और इसके पीछे किसी गिरोह या अन्य लोगों की भूमिका तो नहीं है।

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परीक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

जिले में आठ जून से 29 केंद्रों पर चल रही इस भर्ती परीक्षा के दौरान यह घटना सुरक्षा और सत्यापन व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। हालांकि बायोमेट्रिक सत्यापन प्रणाली की वजह से समय रहते फर्जीवाड़ा पकड़ में आ गया और एक बड़ी अनियमितता रोकी जा सकी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

आरोपी की पहचान और जांच जारी

पकड़ा गया अभ्यर्थी बागपत जिले के गांव चिरचिटा सिंघावली का रहने वाला बताया गया है। पुलिस अब उसके पूरे रिकॉर्ड और दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि उसके पास दो आधार कार्ड कैसे बने और क्या यह किसी बड़े फर्जीवाड़े नेटवर्क का हिस्सा है।

Location :  Saharanpur

Published :  10 June 2026, 12:46 PM IST