यूपी में बड़ा देशविरोधी खेल: सहारनपुर में 17 करोड़ की फर्जी करेंसी और पाकिस्तानी कनेक्शन का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड गिरफ्तार

सहारनपुर में 17 करोड़ रुपये के जाली नोटों के बैंक में जमा होने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। इस देशविरोधी खेल के पीछे पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई का हाथ सामने आया है, जबकि मास्टरमाइंड मुकेश समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच तेज कर दी गई है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 25 September 2026, 11:16 AM IST

Saharanpur: देश की अर्थव्यवस्था को अंदर से खोखला करने की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की चेस्ट करेंसी में 17 करोड़ रुपये के जाली नोट जमा होने के सनसनीखेज मामले में पाकिस्तान कनेक्शन सामने आया है। इस गंभीर देशविरोधी खेल का मास्टरमाइंड मुकेश निकला है, जिसे केंद्रीय जांच एजेंसी ने रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

आईएसआई की साजिश और नेपाल बॉर्डर से कनेक्शन

मामले की जांच कर रही केंद्रीय एजेंसी और एनआईए (NIA) के हाथ कई अहम सबूत लगे हैं, जिनकी तस्दीक की जा रही है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि इस बड़े पैमाने पर फैलाए गए जाली नोटों के जाल के पीछे पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का हाथ है।

इन नकली नोटों की क्वालिटी बेहद उच्च कोटि की है और इनमें हूबहू असली नोटों की तरह 'सिक्योरिटी थ्रेड' (सुरक्षा धागा) भी मौजूद है। जांच एजेंसियों का मानना है कि कुछ समय पहले नेपाल बॉर्डर के रास्ते लाई गई नकली करेंसी और सहारनपुर मामले के तार आपस में जुड़े हुए हैं। गौरतलब है कि इससे पहले नेपाल बॉर्डर से जाली करेंसी लाने के मामले में कासगंज के दो युवकों को एटीएस (ATS) ने गिरफ्तार किया था। अर्थव्यवस्था को अस्थिर करने के इस नापाक षड्यंत्र को देखते हुए जांच का दायरा और भी अधिक बढ़ाया जा रहा है।

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दो बैंक कर्मियों समेत पांच आरोपी सलाखों के पीछे

इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक कड़ी कार्रवाई करते हुए एनआईए ने दो बैंक कर्मचारियों सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। मामले की गहराई तक पहुंचने के लिए अदालत के आदेश पर मुख्य आरोपियों- मुकेश, राजेंद्र और नीटू को एक हफ्ते की कस्टडी रिमांड पर लिया गया है। बृहस्पतिवार से शुरू हुई इस रिमांड अवधि के दौरान तीनों से लगातार पूछताछ की जा रही है, जिससे इस राष्ट्रविरोधी रैकेट के अन्य चेहरों और गुप्त ठिकानों का खुलासा होने की पूरी उम्मीद है।

मास्टरमाइंड मुकेश का पुराना आपराधिक इतिहास

पूरे घटनाक्रम के केंद्र में आरोपी मुकेश कुमार का नाम सामने आया है, जिसे इस पूरे खेल का मुख्य मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि मुकेश कोई नया अपराधी नहीं है। वह वर्ष 2024 में भी जाली नोटों के कारोबार में पकड़ा जा चुका है। उस दौरान उसके पास से दो लाख रुपये की फर्जी करेंसी बरामद हुई थी और उसके दो अन्य साथियों को भी दबोचा गया था।

हालांकि, उस समय पुलिस की लचर कार्रवाई और कमजोर पैरवी के चलते उसे आसानी से जमानत मिल गई थी। जेल से बाहर आते ही उसने बिना किसी डर के दोबारा इसी अवैध और देशविरोधी धंधे में कदम रख दिया।

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जल्द हो सकती है बड़ी गिरफ्तारियां

महज एक व्यक्ति द्वारा 17 करोड़ रुपये की भारी-भरकम जाली करेंसी को बैंक तक पहुंचाना और उसे सिस्टम में जमा कराना कोई सामान्य घटना नहीं है। जांच में स्पष्ट हो चुका है कि मुकेश ही इस पूरे सिंडिकेट का संचालन कर रहा था। वह सीधे तौर पर सीमा पार से नोटों की सप्लाई करने वालों के संपर्क में था।

एजेंसियों को उस शख्स के बारे में भी पुख्ता जानकारी मिल चुकी है जो मुकेश को यह जाली करेंसी उपलब्ध करवाता था। फिलहाल उस मुख्य सप्लायर की तलाश में ताबड़तोड़ दबिशें दी जा रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में बहुत जल्द कुछ और बड़ी और निर्णायक गिरफ्तारियां सामने आ सकती हैं।

Location :  Saharanpur

Published :  25 September 2026, 11:16 AM IST