17 करोड़ के नकली नोट और रातों-रात गायब 4 बैंक कर्मी! ताले बंद, फोन स्विच ऑफ सहारनपुर में गहराया सस्पेंस

सहारनपुर में 17 करोड़ 29 लाख रुपये की नकली करेंसी मिलने के मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए तथ्य सामने आ रहे हैं। मुकदमा दर्ज होने के बाद पीएनबी की करेंसी चेस्ट के पास स्थित शाखा के चार कर्मचारियों के अचानक लापता होने की जानकारी सामने आई है।

Post Published By: Komal Chauhan
Updated : 7 September 2026, 5:36 PM IST
google-preferred

Saharanpur: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में 17 करोड़ 29 लाख रुपये की नकली करेंसी मिलने के मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए तथ्य सामने आ रहे हैं। मुकदमा दर्ज होने के बाद पीएनबी की करेंसी चेस्ट के पास स्थित शाखा के चार कर्मचारियों के अचानक लापता होने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि चारों के मोबाइल फोन बंद हैं और उनके घरों पर ताले लगे हैं। पुलिस और जांच एजेंसियां उनकी तलाश में जुटी हैं।

करेंसी चेस्ट से मिली थी करोड़ों की नकली करेंसी

घंटाघर क्षेत्र के सोफिया मार्केट स्थित पीएनबी करेंसी चेस्ट में 17 करोड़ 29 लाख रुपये की नकली करेंसी मिलने के बाद बैंकिंग व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोट मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान करेंसी चेस्ट के बराबर में स्थित पीएनबी शाखा के कुछ कर्मचारियों की भूमिका को लेकर भी पड़ताल की जा रही है। इसी बीच मुकदमा दर्ज होने के बाद चार कर्मचारियों के अचानक गायब होने की बात सामने आई है।

ये भी पढ़ें: Saharanpur: सालों से जमीन के नीचे छिपा था ये कुआं! अचानक सामने आया तो हर कोई रह गया दंग

मुकदमा दर्ज होते ही चार कर्मचारी गायब

जानकारी के अनुसार, जिन चार कर्मचारियों के लापता होने की बात सामने आई है, वे उसी परिसर में स्थित पीएनबी की मुख्य शाखा से जुड़े हैं। मुकदमा दर्ज होने के बाद से उनके मोबाइल फोन बंद बताए जा रहे हैं। वहीं, उनके घरों पर भी ताले लगे होने की जानकारी मिली है। चारों कर्मचारियों के अचानक संपर्क से बाहर होने के बाद जांच एजेंसियों का शक और गहरा गया है। हालांकि, उनकी भूमिका को लेकर अभी कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि कहीं इन कर्मचारियों का नकली नोटों को इधर-उधर करने या असली नोटों से बदलने में कोई संबंध तो नहीं था।

बैंक के तीन अधिकारी पहले ही निलंबित

मामले की शुरुआती जांच में कुछ बैंक अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद बैंक प्रबंधन पहले ही कार्रवाई कर चुका है। मंडल कार्यालय के वरिष्ठ प्रबंधक रवि कुमार कांसे, करेंसी चेस्ट प्रबंधक सुशील शर्मा और एक अन्य प्रबंधक अमित कुमार को निलंबित किया जा चुका है। जांच में यह बात भी सामने आई कि बैंक में नोटों की बंडलिंग और पैकिंग का काम नियमों के अनुसार कर्मचारियों से कराने के बजाय पार्ट-टाइम हाउसकीपर विशाल कुमार से कराया जा रहा था। सीसीटीवी फुटेज में उसकी कुछ संदिग्ध गतिविधियां सामने आने के बाद उसे काम से हटा दिया गया।

SIT और क्राइम ब्रांच के साथ NIA भी जांच में शामिल

करोड़ों रुपये की नकली करेंसी मिलने के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है। उत्तर प्रदेश पुलिस की एसआईटी और क्राइम ब्रांच के साथ अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी NIA भी मामले की जांच में शामिल हो गई है। शुरुआती जांच में नकली करेंसी के तार हरियाणा और संभावित रूप से नेपाल सीमा तक जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। जांच एजेंसियां इन कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।

ये भी पढ़ें: Saharanpur Politics: ‘मस्जिदों को अवैध बताकर ध्वस्त करना गलत’, मायावती ने सरकार से कर दी ये बड़ी मांग

फरार आरोपियों की तलाश में दबिश

पुलिस की टीमें लापता कर्मचारियों और मामले में फरार चल रहे आरोपियों की तलाश कर रही हैं। उनकी लोकेशन का पता लगाने के लिए उत्तराखंड, हरियाणा और आसपास के जिलों में दबिश दिए जाने की जानकारी है। फिलहाल जांच एजेंसियों की नजर बैंक के अंदर नोटों की बंडलिंग, पैकिंग और करेंसी के आवागमन से जुड़ी प्रक्रिया पर है। चार कर्मचारियों के अचानक लापता होने से मामले की जांच और महत्वपूर्ण हो गई है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही उनकी भूमिका और नकली करेंसी नेटवर्क से उनके किसी संबंध की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

Location :  Saharanpur

Published :  7 September 2026, 5:31 PM IST

Advertisement