धंसी सड़क, टोल फ्री और बढ़ा ट्रैफिक… लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे फिर चर्चा में

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर टोल फ्री किए जाने के बाद वाहनों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। रोजाना करीब 8,869 वाहनों की जगह अब 20 से 22 हजार वाहन एक्सप्रेसवे से गुजर रहे हैं। सड़क मरम्मत के चलते डायवर्जन लागू है, जबकि सोशल मीडिया पर पंखों से सड़क सुखाने की तस्वीर वायरल होने के बाद सियासत भी तेज हो गई है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 6 August 2026, 8:11 PM IST

Lucknow/Kanpur: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर टोल शुल्क हटते ही वाहनों की संख्या में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। जहां पहले प्रतिदिन औसतन करीब 8,869 वाहन इस एक्सप्रेसवे से गुजरते थे, वहीं अब यह आंकड़ा बढ़कर 20 से 22 हजार वाहनों तक पहुंच गया है। टोल फ्री होने के बाद बड़ी संख्या में वाहन राष्ट्रीय राजमार्ग और एलिवेटेड रोड छोड़कर एक्सप्रेसवे का रुख करने लगे हैं। हालांकि दूसरी ओर एक्सप्रेसवे पर मरम्मत का काम भी जारी है, जिससे कई जगह ट्रैफिक दबाव और जाम की स्थिति देखने को मिली।

टोल फ्री का मिला तत्काल असर

एनएचएआई के फैसले के बाद एक्सप्रेसवे को अस्थायी रूप से टोल फ्री किया गया। इसका असर गुरुवार को साफ दिखाई दिया। पहले जहां प्रतिदिन करीब 8,869 वाहन इस मार्ग का इस्तेमाल कर रहे थे, वहीं अब वाहनों की संख्या बढ़कर 20 से 22 हजार तक पहुंच गई। अधिकारियों के मुताबिक, बड़ी संख्या में चार पहिया वाहन, ट्रक और अन्य भारी वाहन अब राष्ट्रीय राजमार्ग की बजाय एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल कर रहे हैं।

सड़क धंसने के बाद शुरू हुई मरम्मत

करीब 4,200 करोड़ रुपये की लागत से बने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर उद्घाटन के कुछ ही सप्ताह बाद कई स्थानों पर सड़क धंसने की घटनाएं सामने आई थीं। इससे एनएचएआई की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे। मामले को गंभीरता से लेते हुए एनएचएआई ने परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश वर्मा को उनके पद से हटा दिया। साथ ही निर्माण एजेंसी पीएनसी इंफ्रोटेक लिमिटेड को अयोग्य घोषित कर दिया गया। इसके बाद एक्सप्रेसवे पर मरम्मत कार्य शुरू किया गया और इसी दौरान टोल वसूली अस्थायी रूप से रोक दी गई।

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डायवर्जन से बढ़ा ट्रैफिक दबाव

मरम्मत कार्य के चलते एक्सप्रेसवे पर कई स्थानों पर डायवर्जन लागू किया गया है। इसके बावजूद टोल फ्री होने के कारण वाहन लगातार इसी मार्ग का उपयोग कर रहे हैं, जिससे कुछ हिस्सों में ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया। हालांकि एनएचएआई और निर्माण एजेंसी की टीमें मौके पर तैनात रहीं और यातायात को सामान्य बनाए रखने का प्रयास करती रहीं।

आंकड़ों में समझिए ट्रैफिक का बदलाव

एनएचएआई के अनुसार, 14 जुलाई से 30 जुलाई के बीच एक्सप्रेसवे से 1,33,040 वाहन गुजरे थे। इनमें भारी वाहन, बसें, ट्रक, हल्के व्यावसायिक वाहन और करीब 1.15 लाख चार पहिया वाहन शामिल थे। पांच अगस्त तक प्रतिदिन वाहनों की संख्या करीब 10 हजार तक पहुंच चुकी थी, लेकिन टोल फ्री होते ही यह आंकड़ा सीधे 20 से 22 हजार तक पहुंच गया।

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पंखों से सड़क सुखाने की तस्वीर पर सियासत

मरम्मत के दौरान एक्सप्रेसवे की सड़क को पंखों से सुखाए जाने की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इस तस्वीर को साझा करते हुए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कुछ ही समय पहले हुआ हो, उसे इतनी जल्दी मरम्मत की जरूरत क्यों पड़ गई। उन्होंने पंखों से सड़क सुखाने की प्रक्रिया पर भी तंज कसते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।

एनएचएआई ने दी सफाई

एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि सड़क निर्माण और मरम्मत के दौरान कई बार तारकोल को जल्दी सुखाने के लिए औद्योगिक पंखों का इस्तेमाल किया जाता है। अधिकारियों के अनुसार, ये पंखे मजदूरों की सुविधा के लिए भी लगाए गए थे।

Location :  Lucknow/Kanpur

Published :  6 August 2026, 8:11 PM IST