गोरखपुर में साइबर अपराधियों को झटका, पुलिस ने ठगी से पीड़ित को बचाया, जानिए कैसे

गोरखपुर पुलिस ने साइबर सेल और थाना चिलुआताल की तत्पर कार्रवाई से सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी को ₹1.62 लाख की ठगी से बचाया। पुलिस की सफलता से साइबर अपराधियों के खिलाफ संदेश गया और लोगों को सुरक्षा की उम्मीद मिली।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 15 January 2026, 1:28 AM IST

Gorakhpur: ऑनलाइन धोखाधड़ी की बढ़ती वारदातों ने शहरवासियों के दिलों में डर पैदा कर रखा था लेकिन चिलुआताल थाना पुलिस और साइबर सेल ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अपराधियों को कभी भी आसानी से बख्शा नहीं जाएगा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए गए विशेष अभियान में साइबर ठगों के जाल में फंसे एक सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी को 1.62 लाख की राशि ठगी से बचाकर वापस दिलाई गई।

ठगी का तरीका और शिकायत

जानकारी के अनुसार, पीड़ित सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी ने पुलिस को बताया कि अपराधियों ने उनकी पेंशन बंद होने का डर दिखाकर और सीनियर सिटिजन कार्ड बनवाने के नाम पर उन्हें फंसाया। खुद को बैंक और सरकारी विभाग से जोड़कर ठगों ने फोन और डिजिटल माध्यमों से उन्हें भ्रमित किया और खाते से पैसे ट्रांसफर करा लिए।

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पुलिस की तत्परता

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देश पर साइबर अपराधों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया। पुलिस अधीक्षक अपराध के निर्देशन, पुलिस अधीक्षक उत्तरी के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी कैम्पियरगंज के पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष चिलुआताल सूरज सिंह के नेतृत्व में साइबर सेल सक्रिय हुई।

राशि की बरामदगी

पुलिस ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई और बैंक खातों में ट्रांजेक्शन को होल्ड कराया। न्यायालय से आवश्यक आदेश प्राप्त कर पीड़ित के खाते में 1.62 लाख की राशि सफलतापूर्वक वापस कराई गई। पुलिस ने बताया कि शेष धनराशि की बरामदगी के प्रयास जारी हैं। साइबर अपराधियों तक पहुंचने के लिए तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है।

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पुलिस टीम और सलाह

इस कार्रवाई में थानाध्यक्ष सूरज सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक शैलेन्द्र कुमार, साइबर नोडल अधिकारी उपनिरीक्षक सच्चिदानन्द पाण्डेय, कंप्यूटर ऑपरेटर अभिराम, आरक्षी सत्येन्द्र चौधरी, दीपक यादव प्रथम और विकास मौर्या की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या ऑनलाइन अनुरोध पर व्यक्तिगत और बैंक संबंधी जानकारी साझा न करें। किसी भी धोखाधड़ी की आशंका होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

Location : 
  • Gorakhpur

Published : 
  • 15 January 2026, 1:28 AM IST