गोरखपुर में राशन माफिया की दबंगई: गेहूं मांगने पर महिला को दी ऐसी सजा, जानकर आप भी बोलोगे- इंसान थे या…

गोरखपुर के गीडा थाना क्षेत्र के खरेला गांव में सरकारी राशन वितरण के दौरान कोटेदार की दबंगई सामने आई है। गेहूं की मांग करने पर एक महिला के साथ मारपीट की गई, जिससे वह घायल हो गई। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।

Gorakhpur: सरकारी राशन, जो गरीबों के लिए सहारा माना जाता है, वही अब डर और दहशत का कारण बनता जा रहा है। गोरखपुर के गीडा थाना क्षेत्र के खरेला गांव से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। यहां एक महिला को सिर्फ इसलिए पीटा गया क्योंकि उसने नियम के मुताबिक गेहूं मांगा था। घटना ने साफ कर दिया है कि कुछ कोटेदार खुद को कानून से ऊपर समझने लगे हैं।

राशन लेने गई थी, मार खाकर लौटी

खरेला गांव निवासी फूलमती पत्नी राजेंद्र शनिवार दोपहर करीब 12 बजे गांव के कोटेदार के घर राशन लेने पहुंची थी। आरोप है कि कोटेदार उसे जबरन चावल देना चाहता था, जबकि महिला को गेहूं की जरूरत थी। जब फूलमती ने कहा कि उसे नियमानुसार गेहूं दिया जाए, तो कोटेदार बौखला गया। देखते ही देखते बात गाली-गलौज से आगे बढ़ गई और कोटेदार ने महिला पर हाथ छोड़ दिया।

बीच-बचाव में पहुंचे ग्रामीण

मारपीट के दौरान फूलमती को गंभीर चोटें आई। उसकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह बीच-बचाव कर महिला को बचाया। घायल हालत में भी फूलमती ने हिम्मत नहीं हारी और सीधे गीडा थाने पहुंचकर आरोपी कोटेदार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।

गांव में फूटा गुस्सा

घटना के बाद खरेला गांव में आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि कोटेदार पहले भी राशन वितरण में मनमानी करता रहा है। कभी कम तौल, कभी मनचाहा राशन और विरोध करने पर धमकी देना उसकी आदत बन चुकी है। लोगों ने प्रशासन से आरोपी का लाइसेंस रद्द करने और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस ने लिया एक्शन

गीडा थाना प्रभारी अश्वनी पाण्डेय ने बताया कि पीड़िता की तहरीर मिल चुकी है। आरोपी कोटेदार को हिरासत में ले लिया गया है और उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। मामले की जांच जारी है।

व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक वितरण प्रणाली की हकीकत उजागर कर दी है। गरीबों के हक के राशन में हो रही दबंगई और हिंसा न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि सरकारी योजनाओं की साख पर भी बट्टा लगाती है। अब सबकी नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है।

Location : 
  • Gorakhpur

Published : 
  • 10 January 2026, 10:34 PM IST

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