समाजवादी पार्टी के 45 नेताओं का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा रामपुर, जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने के लिए लगाएंगे जी जान

रामपुर में आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर बड़ा दिन है। 38 भवनों पर प्रस्तावित कार्रवाई के बीच समाजवादी पार्टी का 45 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल डीएम से मिलने जा रहा है। उधर पूरे शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए गए हैं।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 23 July 2026, 1:34 PM IST
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Rampur: रामपुर के समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मौहम्मद आजम खान की मौलाना मौहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के 40 भवनों मे से 38 भवनों के रामपुर आरडीए द्वारा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है। इसी बीच समाजवादी पार्टी का एक 45 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आज रामपुर जिला अधिकारी अजय कुमार द्विवेदी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपेंगा। इसमें नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे समेत कई नेता शामिल हैं। इसी को लेकर रामपुर पुलिस प्रशासन भी अलर्ट मोड पर नजर आ रहा है।

छावनी में तब्दील हुआ कलेक्ट्रेट

वहीं रामपुर के कलेक्ट्रेट को छावनी में तब्दील कर दिया गया है और जौहर यूनिवर्सिटी पर भी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए सभी चौराहों पर पुलिस फोर्स मौजूद है और सभी जगह को बैरिकेड कर दिया गया है।

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यूनिवर्सिटी में जारी है छात्रों का धरना प्रदर्शन

बता दें कि मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी में प्रस्तावित ध्वस्तीकरण कार्रवाई के विरोध में छात्रों का धरना-प्रदर्शन लगातार जारी रहा। बीते दिन भी विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर बड़ी संख्या में छात्र, पूर्व छात्र और स्थानीय नागरिक धरने पर बैठे रहे। प्रदर्शनकारी छात्रों ने स्पष्ट कहा कि जब तक रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) द्वारा जारी ध्वस्तीकरण आदेश वापस नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। यह विरोध प्रदर्शन RDA द्वारा विश्वविद्यालय की इमारतों को लेकर जारी आदेश के बाद शुरू हुआ है।

छात्रों ने प्रशासन पर लगाया ये आरोप

धरने पर बैठे छात्रों ने प्रशासन पर शिक्षा संस्थानों के प्रति नकारात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाया। छात्रों का कहना था कि सरकारों का काम विश्वविद्यालयों का निर्माण करना और शिक्षा को बढ़ावा देना होता है, लेकिन यहां प्रशासन विश्वविद्यालय को तोड़ने का प्रयास कर रहा है। प्रदर्शनकारियों ने ध्वस्तीकरण आदेश को "काला कानून" बताते हुए उसके खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।

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प्रदर्शन में पूर्व छात्रों के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के लोगों ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि शिक्षा संस्थानों को बचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह केवल एक विश्वविद्यालय का मुद्दा नहीं, बल्कि शिक्षा और विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा सवाल है।

Location :  Rampur

Published :  23 July 2026, 1:29 PM IST

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