राम मंदिर में करोड़ों की चोरी: खाली रहता था सीसीटीवी कंट्रोल रूम, कर्मचारियों ने ऐसे लगाया ट्रस्ट को चूना

अयोध्या के राम मंदिर दान चोरी मामले में जांच के दौरान कई बड़े खुलासे हुए हैं। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने करोड़ों रुपये की चोरी करना स्वीकार किया है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया कि काउंटिंग रूम की निगरानी में लापरवाही का फायदा उठाकर लंबे समय तक चोरी की गई। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।

Post Published By: Komal Chauhan
Updated : 7 July 2026, 5:34 PM IST
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Ayodhya: उत्तर प्रदेश के अयोध्या के राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जांच के दौरान सामने आया कि ट्रस्ट में नौकरी शुरू करने के दो से तीन महीने बाद ही कुछ कर्मचारियों ने दान की रकम में हेराफेरी शुरू कर दी थी। शुरुआत में वे कम रकम निकालते थे, लेकिन समय के साथ उनका हौसला बढ़ता गया और चोरी की रकम भी बढ़ती चली गई। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पूछताछ में करीब दो से तीन करोड़ रुपये तक की चोरी करने की बात स्वीकार की है। हालांकि, इस दावे की जांच अभी जारी है।

CCTV निगरानी में लापरवाही का उठाया फायदा

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि दान की गिनती वाले काउंटिंग रूम में लगे CCTV कैमरों की नियमित निगरानी नहीं होती थी। उनका दावा है कि कई बार कंट्रोल रूम खाली रहता था, जिससे उन पर नजर रखने वाला कोई नहीं होता था। इसी स्थिति का फायदा उठाकर आरोपी पहले अपनी शिफ्ट खत्म होने के बाद कपड़ों में छिपाकर एक-दो 500 रुपये के नोट बाहर ले जाते थे। जब लंबे समय तक वे पकड़े नहीं गए तो उन्होंने नोटों के बंडल और बाद में बड़ी रकम निकालनी शुरू कर दी।

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चोरी के पैसों से खरीदी गई संपत्ति

जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपियों ने चोरी के पैसों से कई संपत्तियां खरीदीं। इनमें कुछ संपत्तियां अयोध्या के बाहर भी खरीदी गई हैं। पुलिस अब इन संपत्तियों के दस्तावेजों की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्हें चोरी की रकम से खरीदा गया था या नहीं।

कैश और जेवर भी हुए बरामद

पुलिस ने जांच के दौरान आरोपियों से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की। अधिकारियों के मुताबिक, कार्रवाई में बड़ी मात्रा में नकदी और आभूषण बरामद किए गए हैं। बरामद सामान के संबंध में दस्तावेज और स्वामित्व की जांच की जा रही है। यदि कोई व्यक्ति जेवर या अन्य सामान के वैध खरीद संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करता है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। अन्यथा उन्हें मामले की जांच का हिस्सा बनाया जाएगा।

तीन आरोपियों की पुलिस रिमांड की मांग

जांच अधिकारी ने मामले में तीन आरोपियों की सात दिन की पुलिस रिमांड मांगी है। अदालत में बताया गया कि आरोपियों के बयानों से कई नई जानकारियां मिली हैं, जिनका सत्यापन करना आवश्यक है। अदालत ने रिमांड अर्जी पर सुनवाई अगली तिथि के लिए निर्धारित की है। इससे पहले एक अन्य आरोपी से पूछताछ के दौरान पुलिस को एक कार, आभूषण और अन्य महत्वपूर्ण सुराग मिले थे। सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

ट्रस्ट ने प्रबंधन व्यवस्था में सुधार का लिया फैसला

घटना के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर की प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्था को और मजबूत बनाने का निर्णय लिया है। ट्रस्ट की बैठक में बैंक खातों के संचालन की नई व्यवस्था को मंजूरी दी गई। साथ ही, प्रबंधन प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए आवश्यक सुधार लागू करने पर सहमति बनी। ट्रस्ट ने यह भी कहा कि जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) की सिफारिशों और स्वतंत्र विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

Location :  Ayodhya

Published :  7 July 2026, 5:34 PM IST

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