रायबरेली के एक गांव में अचानक बच्चों की तबीयत बिगड़ने से गांव में हड़कंप मच गया। मट्ठा पीने के बाद हुई इस अजीब स्थिति ने परिजनों और ग्रामीणों को चिंतित कर दिया है। कुछ बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है। क्या यह सामान्य चपेट है या कोई गंभीर कारण है?

पीड़ित बच्चे अस्पताल में भर्ती (सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Raebareli: रायबरेली के थाना सलोन क्षेत्र के रुद्र का पुरवा गांव में एक ही परिवार के लगभग 23 बच्चों की अचानक तबीयत खराब हो गई। स्थानीय परिजनों ने बताया कि बच्चों ने घर में तैयार मट्ठा पिया था, जिसके कुछ समय बाद सभी को उल्टी और दस्त की शिकायत हुई हो गई।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, घबराए परिजन तुरंत बच्चों को नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। स्वास्थ्यकर्मियों ने बच्चों की जांच की और 6 बच्चों की स्थिति गंभीर पाई। इन्हें तुरंत एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल के बाल वार्ड में 6 गंभीर बच्चों का इलाज चल रहा है। डॉक्टरों ने बताया कि सभी बच्चों की हालत स्थिर है, हालांकि चिकित्सक लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं। बच्चों को ड्रिप और अन्य आवश्यक उपचार दिया जा रहा है।
फूड प्वाइजनिंग से प्रभावित 9 बच्चों का स्वास्थ्य केंद्र में उपचार किया गया, जबकि 8 बच्चों को छुट्टी दे दी गई। सभी बच्चों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
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स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। डिप्टी सीएमओ डी.एस. अस्थाना ने बताया कि बच्चों के स्वास्थ्य की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आवश्यकतानुसार सभी कदम उठाए जा रहे हैं।
परिजनों के अनुसार बच्चों ने दूषित मट्ठा पी लिया था। इसके तुरंत बाद उल्टी और दस्त शुरू हो गए। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर इलाज मिलने के कारण बच्चों की स्थिति नियंत्रण में है और सभी खतरे से बाहर हैं।
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रुद्र का पुरवा गांव में जाकर मट्ठे के नमूने जांच के लिए लिए हैं। यह जांच फूड प्वाइजनिंग के कारण और दोषियों की पहचान के लिए की जा रही है।