मुजफ्फरनगर के प्राइवेट स्कूलों में किताबों का महंगा खेल, अभिभावकों का गुस्सा फूटा, जानिए क्या बोले

मुजफ्फरनगर में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी से अभिभावक नाराज हैं। नए शैक्षणिक सत्र में किताबें महंगी बेचने का आरोप लगाया गया। बाजार में 10 रुपये की किताब स्कूल में 80 रुपये बिक रही है। अभिभावकों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 7 April 2026, 6:52 AM IST
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Muzaffarnagar : जनपद में प्राइवेट स्कूलों द्वारा किताबों की कीमतों में मनमानी और अभिभावकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ के चलते गुस्सा अब खुलकर सामने आया है। भारतीय किसान मजदूर (संयुक्त मोर्चा) के बैनर तले अभिभावकों ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर स्कूलों पर बच्चों की किताबों में भारी लूट का आरोप लगाया।

नए शैक्षिक सत्र के साथ किताबों का खेल

ज्ञापन में बताया गया कि जैसे ही नया शैक्षिक सत्र शुरू होता है और बच्चे अगली कक्षा में प्रवेश लेते हैं। अभिभावकों को नई किताबें खरीदनी पड़ती हैं। लेकिन स्कूलों ने अपने-अपने बुक स्टोर तय कर दिए हैं। जिससे अभिभावक केवल उन्हीं दुकानों से किताबें खरीदने के लिए मजबूर हैं।

महंगे दामों में बेची जा रही किताबें

अभिभावकों का आरोप है कि स्कूलों द्वारा तय की गई दुकानों पर किताबें बाजार मूल्य से कई गुना महंगी बेची जा रही हैं। उदाहरण के तौर पर, 10 रुपये की किताब को 80 रुपये तक में बेचा जा रहा है। इससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है।

अभिभावकों की चेतावनी

महंगाई के इस दौर में बच्चों की पढ़ाई के लिए पहले ही परिवार संघर्ष कर रहे हैं। अब स्कूलों की इस मनमानी ने हालात और भी कठिन कर दिए हैं। अभिभावकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो वे अपने बच्चों को स्कूल से निकालने तक को मजबूर हो सकते हैं।

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प्रशासन से मांग

ज्ञापन के माध्यम से अभिभावकों ने मांग की है कि प्रशासन मामले की गंभीरता से जांच करे और दोषी स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और बच्चों तथा परिवारों को राहत देने के लिए यह कदम अनिवार्य है।

Location :  Muzaffarnagar

Published :  7 April 2026, 6:52 AM IST

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