बाढ़ के बीच पुजारी की जिद या आस्था? DM-SP ने जोड़े हाथ, फिर भी मंदिर छोड़ने को तैयार नहीं हुए

मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने के बीच रामघाट के बड़ा मठ में एक पुजारी ने मंदिर छोड़ने से साफ इनकार कर दिया। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने हाथ जोड़कर उन्हें सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए समझाया, लेकिन पुजारी बोले कि भगवान को अकेला छोड़कर नहीं जाएंगे। प्रशासन राहत-बचाव में जुटा है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 1 September 2026, 6:36 PM IST
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Chitrakoot: चारों तरफ बढ़ता पानी, नदी का उफान और लोगों को सुरक्षित निकालने की जद्दोजहद...लेकिन इसी बीच रामघाट के बड़ा मठ में एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। प्रशासन जब बाढ़ के बीच लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने निकला तो मंदिर में एक पुजारी पूजा करते मिले। अधिकारियों ने उन्हें भी सुरक्षित जगह चलने के लिए कहा, लेकिन पुजारी ने साफ शब्दों में इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि भगवान को अकेला छोड़कर वह कहीं नहीं जाएंगे।

मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने रामघाट समेत आसपास के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। इसी अभियान के दौरान मंगलवार सुबह जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह रामघाट स्थित बड़ा मठ पहुंचे। वहां पुजारी मंदिर में पूजा कर रहे थे।

डीएम-एसपी ने हाथ जोड़कर की सुरक्षित जाने की अपील

मंदिर में पहुंचने के बाद अधिकारियों ने पुजारी से बातचीत की और उन्हें बाढ़ की गंभीर स्थिति के बारे में बताया। डीएम और एसपी ने उनसे हाथ जोड़कर अनुरोध किया कि वह मंदिर से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। अधिकारियों ने यह भी कहा कि वह अपने अन्य साथियों को भी मंदिर से बाहर जाने के लिए कहें, ताकि बाढ़ की स्थिति बिगड़ने पर किसी की जान खतरे में न पड़े।

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बोले- भगवान को अकेला छोड़कर कैसे चले जाएं?

पुजारी ने अधिकारियों से कहा कि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी भगवान के चरणों में गुजारी है। ऐसे समय में जब चारों तरफ बाढ़ का पानी है, वह भगवान को अकेला छोड़कर सुरक्षित जगह कैसे चले जाएं? उन्होंने कहा कि उनका जीवन भगवान की सेवा में बीता है और अब जब ऐसी परिस्थिति आई है तो वह मंदिर छोड़कर नहीं जा सकते। उनका कहना था कि भगवान की इच्छा से जो होगा, अच्छा ही होगा।

काफी देर तक समझाते रहे अधिकारी

डीएम और एसपी की मौजूदगी में मंदिर परिसर में काफी देर तक बातचीत चलती रही। अधिकारियों की चिंता साफ थी कि बाढ़ का पानी अगर और बढ़ा तो मंदिर में मौजूद लोगों के लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है। प्रशासन ने लोगों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया था। ऐसे में मंदिर में किसी व्यक्ति का रह जाना बचाव अभियान के लिए भी चुनौती बन सकता था। लेकिन पुजारी अपनी आस्था पर कायम रहे। उन्होंने साफ कर दिया कि वह मंदिर और भगवान को छोड़कर नहीं जाएंगे।

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बाढ़ प्रभावित इलाकों में लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन

मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद रामघाट समेत आसपास के कई इलाकों में प्रशासन की सक्रियता बढ़ गई है। अधिकारियों की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं और लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील कर रही हैं। प्रशासन की ओर से लाउडस्पीकर के जरिए भी लोगों को चेतावनी दी जा रही है। लोगों से कहा जा रहा है कि वे बाढ़ प्रभावित इलाकों में रुकने के बजाय समय रहते सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।

नावों से घरों में फंसे लोगों को निकाला जा रहा

बाढ़ के कारण कई जगहों पर लोगों के घरों तक पानी पहुंच गया है। ऐसे स्थानों पर प्रशासन नावों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहा है। घर में फंसे लोगों को नावों के जरिए सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। राहत और बचाव दल लगातार प्रभावित क्षेत्रों में घूम रहे हैं ताकि किसी भी व्यक्ति को पानी के बीच फंसे रहने की स्थिति में तत्काल मदद मिल सके। प्रशासन ने एनडीआरएफ समेत अन्य बचाव दलों को भी सक्रिय रखा है।

Location :  Chitrakoot

Published :  1 September 2026, 6:36 PM IST

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