65 लाख गायब, पोस्टमास्टर की मौत और सुसाइड नोट में लिखा एक नाम… प्रयागराज डाकघर में आखिर किसने रची साजिश?

प्रयागराज के एक डाकघर में करोड़ों के करीब रकम गायब होने के बाद अचानक हुई एक मौत ने पूरे मामले को रहस्य बना दिया है। सुसाइड नोट में किए गए खुलासों ने कई लोगों की नींद उड़ा दी है। आखिर किस पर था दबाव, कौन सच बोल रहा है और 65 लाख रुपए कहां गायब हुए?

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 20 May 2026, 8:31 AM IST
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Prayagraj: प्रयागराज के एनसीआर सूबेदारगंज डाकघर में 65 लाख रुपये गायब होने का मामला अब रहस्य और सस्पेंस से भर गया है। इस पूरे घटनाक्रम ने तब सनसनी फैला दी, जब डाकघर के पोस्टमास्टर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मौत से पहले छोड़े गए सुसाइड नोट में उन्होंने एक ऐसे व्यक्ति का नाम लिखा, जिसने पूरे मामले को और उलझा दिया है। पुलिस अब इसे सिर्फ आत्महत्या नहीं, बल्कि बड़े वित्तीय हेरफेर और मानसिक दबाव से जुड़ा मामला मानकर जांच कर रही है।

कमरे में फंदे से लटका मिला पोस्टमास्टर का शव

एयरपोर्ट थाना क्षेत्र की देवप्रयाग कॉलोनी में रहने वाले 55 वर्षीय जगदंबा प्रसाद श्रीवास्तव मंगलवार सुबह अपने घर में मृत पाए गए। परिवार के लोगों ने जब काफी देर तक कोई जवाब नहीं मिला तो कमरे का दरवाजा खोला। अंदर का दृश्य देखकर सभी सन्न रह गए। जगदंबा प्रसाद का शव लुंगी के सहारे फंदे से लटका हुआ था।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। कमरे की तलाशी के दौरान एक सुसाइड नोट मिला, जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया।

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सुसाइड नोट में खजांची पर लगाए गंभीर आरोप

पोस्टमास्टर द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में डाकघर के खजांची सुरेंद्र कुमार पर सीधे आरोप लगाए गए हैं। नोट में लिखा गया कि शनिवार को खाताधारकों से जमा हुई रकम उन्होंने खजांची को सौंप दी थी, लेकिन बाद में खजांची इस बात से मुकर गया। नोट में यह भी उल्लेख किया गया कि 65 लाख रुपये के हेरफेर का दबाव लगातार उन पर बनाया जा रहा था। खुद को निर्दोष बताते हुए उन्होंने लिखा कि मानसिक तनाव अब सहन नहीं हो रहा और उनकी मौत का जिम्मेदार सुरेंद्र कुमार है।

खजांची ने पुलिस को सुनाई दूसरी कहानी

मामले में नाम सामने आने के बाद पुलिस ने खजांची सुरेंद्र कुमार से पूछताछ की। उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया। सुरेंद्र कुमार के अनुसार शनिवार रात करीब साढ़े आठ बजे कैश इन्वेंट्री आई थी, लेकिन उस समय तक कार्यालय बंद हो चुका था। इसलिए उन्होंने रकम सोमवार को जमा कराने के लिए कहा था।

उन्होंने पुलिस को बताया कि रविवार को अवकाश था और सोमवार को रकम जमा न होने पर उन्होंने अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। पोस्टमास्टर से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि वह अंतिम संस्कार में गए हैं और कुछ देर में लौट आएंगे, लेकिन बाद में उनका मोबाइल बंद हो गया।

मोबाइल बंद होने के बाद बढ़ा शक

पोस्टमास्टर का अचानक संपर्क से बाहर हो जाना कर्मचारियों के लिए चिंता का कारण बन गया। कर्मचारी और सुरक्षा गार्ड लंबे समय तक डाकघर में उनका इंतजार करते रहे, लेकिन न तो वह पहुंचे और न ही फोन पर संपर्क हो सका।इसके बाद विभाग में हलचल बढ़ गई और मामला अधिकारियों तक पहुंचा। कुछ ही घंटों बाद पोस्टमास्टर की मौत की खबर ने सभी को हैरान कर दिया।

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65 लाख रुपये आखिर कहां गए?

डाक विभाग के अधिकारियों के मुताबिक शनिवार को डाकघर में करीब 65 लाख रुपए जमा हुए थे। यह रकम मुख्य डाकघर भेजी जानी थी, लेकिन तय प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। रकम गायब होने के बाद विभागीय स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है। प्रयागराज मंडल के अधीक्षक सुनील कुमार ने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए विशेष कमेटी बनाई गई है। विभाग हर एंगल से मामले की पड़ताल कर रहा है।

फॉरेंसिक जांच से खुलेगा पूरा सच

पुलिस अब सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग जांच कराने जा रही है। एयरपोर्ट थाना प्रभारी राजेश उपाध्याय ने बताया कि नोट को फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा, ताकि यह साफ हो सके कि नोट वास्तव में मृतक ने ही लिखा था या नहीं।

फिलहाल पुलिस परिवार, कर्मचारियों और डाक विभाग के अधिकारियों से पूछताछ कर रही है। खजांची के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कर लिया गया है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, क्योंकि यही रिपोर्ट बताएगी कि 65 लाख रुपये का असली सच क्या है और पोस्टमास्टर की मौत के पीछे कौन जिम्मेदार है।

Location :  Prayagraj

Published :  20 May 2026, 8:31 AM IST

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