Prayagraj Flood: गंगा-यमुना उफान पर, कई मोहल्लों में घुसा बाढ़ का पानी; सैकड़ों लोग राहत शिविरों में पहुंचे

गंगा और यमुना नदियों के बढ़ते जलस्तर से प्रयागराज के कई इलाकों में बाढ़ का पानी भर गया है। नेवादा, राजापुर, बेली, दारागंज समेत कई मोहल्ले प्रभावित हैं। प्रशासन ने राहत शिविर शुरू कर NDRF और PAC की टीमें तैनात कर दी हैं।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 1 September 2026, 3:27 PM IST
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प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने से बाढ़ का खतरा गहरा गया है। शहर के कई तटीय इलाकों में पानी भर गया है। नेवादा, गंगानगर, राजापुर, बेली, चिल्ला, छोटा बघाड़ा और दारागंज की दर्जनों गलियां जलमग्न हो चुकी हैं।

कई घरों में पानी घुसने से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। सैकड़ों प्रभावित लोगों ने राहत शिविरों में शरण ली है। प्रशासन ने अब तक दो राहत शिविर शुरू कर दिए हैं।

गंगा-यमुना का बढ़ रहा जलस्तर

मंगलवार सुबह भी गंगा और यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश के कारण दोनों नदियों में पानी का दबाव लगातार बढ़ रहा है।

मंगलवार सुबह:

  • गंगा नदी का जलस्तर: 82.88 मीटर
  • यमुना नदी का जलस्तर: 82.39 मीटर

पर पहुंच गया।

प्रशासन लगातार दोनों नदियों के जलस्तर पर नजर बनाए हुए है।

बांधों से छोड़े जा रहे पानी का असर

यमुना नदी में मध्य प्रदेश, राजस्थान और बुंदेलखंड क्षेत्रों में हुई बारिश का पानी पहुंच रहा है। इसके अलावा माताटीला और हथिनीकुंड बांधों से छोड़ा गया पानी भी यमुना के जलस्तर को बढ़ा रहा है।

वहीं, गंगा नदी में उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से बारिश का पानी आ रहा है। कानपुर बैराज, हरिद्वार बैराज और नरौरा बांध से गंगा में पानी छोड़े जाने का असर प्रयागराज में दिखाई दे रहा है।

इसके अलावा टोंस और बेलन नदियों का जलस्तर भी बढ़ रहा है। टोंस नदी में रीवा के बाणसागर बांध से पानी छोड़ा जा रहा है।

NDRF और PAC तैनात, नावों से हो रहा रेस्क्यू

एडीएम वित्त एवं राजस्व और जिला आपदा अधिकारी विनीता सिंह ने बताया कि निचले इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंचने के बाद प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में भेजा जा रहा है।

बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने:

  • NDRF की टीमों को तैनात किया है।
  • PAC बाढ़ राहत दल को लगाया गया है।
  • प्रभावित इलाकों में नावों का संचालन शुरू किया गया है।

शहर में 8 स्थानों पर नावें चल रही हैं, जबकि मेजा, करछना और झूंसी क्षेत्रों में 5 स्थानों पर नावों की व्यवस्था की गई है।

प्रशासन की अपील, सतर्क रहने को कहा

प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है और जलस्तर की स्थिति पर हर घंटे नजर रखी जा रही है

Location :  Prayagraj

Published :  1 September 2026, 3:25 PM IST

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