Sambhal Jama Masjid Survey Case: SC में सुनवाई टली, अब 8 सितंबर को होगी अगली सुनवाई; सुरक्षा बढ़ाई गई

शाही जामा मस्जिद सर्वे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में 1 सितंबर की सुनवाई टल गई है। अब मामले की अगली सुनवाई 8 सितंबर 2026 को होगी। जानिए हिंदू और मुस्लिम पक्ष के दावे, सर्वे विवाद और Places of Worship Act 1991 से जुड़ी पूरी जानकारी।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 1 September 2026, 2:37 PM IST
google-preferred

संभल: उत्तर प्रदेश के संभल स्थित शाही जामा मस्जिद सर्वे विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार (1 सितंबर 2026) को होने वाली सुनवाई टल गई है। अब इस मामले पर सर्वोच्च अदालत 8 सितंबर 2026 को विस्तृत सुनवाई करेगी।

यह आदेश जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने दिया। कोर्ट ने कहा कि मामले को विस्तार से सुनने की जरूरत है, इसलिए इसे ऐसे दिन सूचीबद्ध किया जाएगा, जब लंबी बहस के लिए पर्याप्त समय मिल सके।

सुप्रीम कोर्ट ने क्यों टाली सुनवाई?

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह मामला महत्वपूर्ण कानूनी सवालों से जुड़ा है और दोनों पक्षों को विस्तार से सुना जाना जरूरी है।

पीठ ने निर्देश दिया कि मामले को किसी 'नॉन-मिसलेनियस डे' (मंगलवार, बुधवार या गुरुवार) को सूचीबद्ध किया जाए, ताकि सुनवाई के दौरान पर्याप्त समय दिया जा सके।

मुस्लिम पक्ष ने हाईकोर्ट के फैसले को दी है चुनौती

संभल शाही जामा मस्जिद की इंतजामिया कमेटी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें निचली अदालत के मस्जिद परिसर के सर्वे के आदेश को बरकरार रखा गया था।

मुस्लिम पक्ष का कहना है कि सर्वे का आदेश प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट, 1991 के प्रावधानों के खिलाफ है।

हिंदू पक्ष का क्या है दावा?

हिंदू संगठनों का दावा है कि संभल की शाही जामा मस्जिद का निर्माण एक प्राचीन श्री हरिहर मंदिर को तोड़कर किया गया था।

इसी दावे के आधार पर चंदौसी की सिविल कोर्ट ने मस्जिद परिसर का सर्वे कराने के लिए एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त करने का आदेश दिया था।

क्या है Places of Worship Act, 1991?

पूजा स्थल अधिनियम, 1991 के तहत 15 अगस्त 1947 को किसी धार्मिक स्थल की जो स्थिति थी, उसे बनाए रखने का प्रावधान है।

इस कानून में:

  • धार्मिक स्थलों के स्वरूप में बदलाव पर रोक है।
  • किसी पूजा स्थल को दूसरे धर्म के पूजा स्थल में बदलने की मांग पर रोक लगाई गई है।
  • हालांकि अयोध्या राम जन्मभूमि विवाद को इस कानून से अलग रखा गया था।

मुस्लिम पक्ष इसी कानून का हवाला देते हुए सर्वे आदेश का विरोध कर रहा है।

संभल में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टलने के बाद स्थानीय प्रशासन ने संभल और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की अफवाह फैलने से रोकने और इलाके में शांति बनाए रखने के लिए निगरानी बढ़ाई गई है। अब दोनों पक्षों की नजरें 8 सितंबर को होने वाली सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं। 

Location :  Sambhal

Published :  1 September 2026, 2:37 PM IST

Related News

No related posts found.

Advertisement