Muzaffarnagar News: जमीन विवाद पर भड़के किसान; कैम्पा कोला के खिलाफ मोर्चा, जानें पूरा मामला

मुजफ्फरनगर के सुवाहेड़ी गांव में भाकियू तोमर ने कैम्पा कोला कंपनी पर उपजाऊ कृषि भूमि कब्जाने और जमीन अधिग्रहण में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष निखिल चौधरी के नेतृत्व में किसानों ने तहसील परिसर में धरना दिया और निष्पक्ष जांच की मांग की।

Post Published By: Bobby Raj
Updated : 17 February 2026, 12:39 AM IST

Muzaffarnagar: जिले के सुवाहेड़ी गांव में उस समय माहौल गरमा गया जब भारतीय किसान यूनियन (तोमर) ने कैम्पा कोला कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। संगठन के जिला अध्यक्ष निखिल चौधरी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान तहसील परिसर स्थित उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और धरना देकर विरोध जताया। किसानों ने आरोप लगाया कि कंपनी द्वारा जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया में भारी अनियमितताएं की गई हैं और उपजाऊ कृषि भूमि पर अवैध कब्जा किया जा रहा है।

धरने के दौरान भाकियू तोमर पदाधिकारियों ने प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि बिना प्रशासनिक संरक्षण के इतना बड़ा भूमि कब्जा संभव नहीं है। किसानों का आरोप है कि उनकी शिकायतों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है और जांच के नाम पर केवल औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।

बड़े आंदोलन की चेतावनी

धरने को संबोधित करते हुए निखिल चौधरी ने कहा कि सुवाहेड़ी और आसपास की जमीन बेहद उपजाऊ है, जहां वर्षों से खेती कर सैकड़ों परिवारों का जीवन चलता आया है। यदि उद्योगों के नाम पर जमीन हड़पी गई तो किसान बेरोजगार और बेघर हो जाएंगे। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि किसानों की जमीन पर किसी भी कीमत पर अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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भाकियू तोमर ने चेतावनी दी कि यदि जल्द निष्पक्ष जांच कर कंपनी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन अपनी फौज के साथ उपजिलाधिकारी कार्यालय पर विशाल धरना-प्रदर्शन करेगा। जरूरत पड़ने पर आंदोलन को जिला स्तर से प्रदेश स्तर तक ले जाने की बात भी कही गई।

किसानों ने मांग की है कि जमीन अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, किसानों की सहमति और मुआवजे की पारदर्शी जानकारी सार्वजनिक की जाए और जब तक विवाद का समाधान न हो, कंपनी का कार्य तत्काल प्रभाव से रोका जाए।

प्रशासन की चुप्पी से बढ़ा आक्रोश

फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश और बढ़ गया है। गांव में लगातार बैठकें हो रही हैं और किसान आंदोलन की रणनीति तैयार कर रहे हैं।

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भाकियू तोमर नेताओं का कहना है कि यह लड़ाई केवल सुवाहेड़ी गांव की नहीं बल्कि किसानों की जमीन और अधिकारों की रक्षा की लड़ाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में यह मुद्दा बड़ा आंदोलन बन सकता है। सुवाहेड़ी में उभरता यह विवाद अब स्थानीय स्तर से निकलकर व्यापक किसान आंदोलन का रूप ले सकता है।

Location : 
  • Muzzafarnagar

Published : 
  • 17 February 2026, 12:39 AM IST