Muzaffarnagar:14 दिन बाद मिला रॉकी का सुराग, सच जानकर दहल जाएंगे आप

मुजफ्फरनगर में 14 दिनों से लापता युवक विकसित उर्फ रॉकी की तलाश आखिरकार एक ऐसे सच पर जाकर खत्म हुई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। गुमशुदगी का यह मामला सनसनीखेज हत्याकांड में बदल गया। इस खुलासे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 2 June 2026, 5:49 AM IST

Muzaffarnagar: यूपी के मुजफ्फरनगर में 14 दिनों से लापता युवक विकसित उर्फ रॉकी की गुमशुदगी का मामला एक सनसनीखेज हत्याकांड में बदल गया । पुलिस और बदमाश के बीच हुई मुठभेड़ के बाद इस मामले का खुलासा हुआ। पुलिस की गोली से घायल हुए आरोपी ने पूछताछ में बताया कि रॉकी का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई और बाद में सबूत मिटाने के लिए शव को ठिकाने लगा दिया गया।

पुलिस की गोली से घायल बदमाश की पहचान मोंटी त्यागी के नाम से हुई है। पुलिस ने अभियुक्तों से 315 बोर का देसी तमंचा, जिंदा और खोखा कारतूस भी बरामद किया है।

पुलिस ने हत्यारे की निशानदेही पर जेसीबी की मदद से खेत से मृतक रॉकी के धड़ को बरामद कर लिया है।  मृतक रॉकी के परिजनों ने मृतक रॉकी की पत्नी सौतेले बेटे पुत्रवधू और मोंटी त्यागी नाम के युवक पर हत्या का आरोप लगाया है।

मृतक रॉकी की फाइल फोटो

परिजनों ने लगाया ये आरोप

जानकारी के अनुसार, सिखेड़ा थाना क्षेत्र के बेहड़ा अस्सा गांव निवासी 36 वर्षीय विकसित उर्फ रॉकी 18 मई से लापता था। परिजनों के मुताबिक, वह भोपा क्षेत्र में अपनी पत्नी रेनू, सौतेले बेटे बादल और पुत्रवधू निशा के साथ रह रहा था। आरोप है कि घटना वाले दिन रेनू उसे बागपत ले जाने की बात कहकर अपने साथ ले गई थी। इसके बाद रॉकी का कोई पता नहीं चला।

परिजनों ने 25 मई को सिखेड़ा थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। रॉकी के भाई मुकुल कुमार ने आरोप लगाया कि शिकायत दर्ज होने के बाद रेनू, उसका बेटा बादल और पुत्रवधू निशा अचानक गायब हो गए, जिससे शक और गहरा गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कई टीमों का गठन किया और जांच शुरू कर दी।

हत्यारे की निशानदेही पर डैड बॉडी निकालती पुलिस

सोमवार देर रात मुखबिर की सूचना पर सिखेड़ा और भोपा पुलिस की संयुक्त टीम ने कादीपुर गांव के जंगल में घेराबंदी की। पुलिस के अनुसार, मोंटी त्यागी नामक आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में उसके दोनों पैरों में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

मुजफ्फरनगर में पुलिस ने रचा ऐसा जाल, पैर में गोली लगते ही खुल गए कई राज

आरोपी ने उगला सच

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कथित रूप से बताया कि उसने बादल और अन्य साथियों के साथ मिलकर रॉकी का अपहरण किया था। इसके बाद उसकी हत्या कर दी गई और शव को छिपाने के लिए अलग-अलग स्थानों पर ठिकाने लगाया गया।

सबूत मिटाने के लिए रॉकी की गर्दन काट कर चित्तौड़ा झाल में ठिकाने लगाई गई तो वहीं धड़ को कादीपुर गांव में स्थित एक खेत में नमक डालकर दबा दिया गया था।आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने कादीपुर गांव के एक खेत में दबे शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

मौके पर जुटी भीड़

मामले में पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने मामले में रेनू, बादल और निशा को भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सौतेले बेटे बादल की रॉकी से पुरानी रंजिश थी, जिसके चलते कथित तौर पर पूरी साजिश रची गई।

सीओ नई मंडी राजू कुमार साव ने बताया कि पुलिस ने  थाना सिखेड़ा में संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। पोस्टमार्टम रिपोर्टआने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 मुजफ्फरनगर में कौन चुरा रहा था ट्रांसफार्मर? मुठभेड़ के बाद पुलिस ने खोला बड़ा राज

वहीं, मृतक के भाई मुकुल कुमार ने हत्यारों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की है।

 

Location :  Muzaffarnagar

Published :  2 June 2026, 5:18 AM IST