जनपद में नगर आयुक्त सफाई व्यवस्था को लेकर सख्त मूड में है। सफाई कार्य में लापरवाही बरतने के मामले में नगर आयुक्त ने कई सफाई कर्मियों पर बड़ी कार्रवाई की है। इस एक्शन के बाद नगर निगम में हड़कंप मच गया है।

गोरखपुर नगर निगम में मचा हड़कंप
Gorakhpur: जनपद में सफाई व्यवस्था को लेकर नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। नगर आयुक्त ने कूड़ा उठान और सफाई कार्य में लापरवाही बरतने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन सुपरवाइजरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया, जबकि छह सफाईकर्मियों को कार्यमुक्त कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद नगर निगम महकमे में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार शहर के विभिन्न वार्डों में नियमित कूड़ा उठान नहीं होने और कई स्थानों पर कूड़े के ढेर लगे होने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया था कि निर्धारित समय पर न तो सफाई हो रही है और न ही डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन सही ढंग से किया जा रहा है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त ने औचक निरीक्षण किया।
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निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाई गई। कूड़ा गाड़ियों की मॉनिटरिंग में भी अनियमितता सामने आई। ड्यूटी पर तैनात सुपरवाइजरों की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिसके बाद सुपरवाइजर शिव, भोला और प्रमोद को निलंबित कर दिया गया। वहीं कार्य में लापरवाही और अनुपस्थित रहने के आरोप में छह सफाईकर्मियों को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त कर दिया गया।
नगर आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शहर की सफाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी जोनल अधिकारियों और सफाई निरीक्षकों को नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करनी होगी। कूड़ा उठान, सड़क सफाई और नालियों की सफाई समयबद्ध तरीके से की जाए, इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई मिलने पर संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
इस कार्रवाई को नगर निगम की सख्त कार्यशैली के रूप में देखा जा रहा है। शहरवासियों ने भी इस कदम का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे सफाई व्यवस्था में सुधार आएगा। अब देखना होगा कि नगर निगम की यह सख्ती जमीनी स्तर पर कितना असर दिखाती है और क्या शहर को कूड़ा मुक्त बनाने की दिशा में ठोस बदलाव नजर आते हैं।