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गांव में छाया मातम (Image: X)
Firozabad News: रविवार की रात जिस गांव में टेसू-झांझी की शादी की रस्में निभाई जा रही थीं, वहां कुछ ही पलों में चीख-पुकार मच गई। सड़क किनारे पूजा-अर्चना कर रहे ग्रामीणों को तेज रफ्तार कार ने रौंद दिया। हादसे में एक ही परिवार की तीन सगी बहनों समेत पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 लोग घायल हो गए। सोमवार सुबह जब मृतकों के शव गांव पहुंचे तो हर तरफ मातम छा गया। सबसे दर्दनाक दृश्य उस वक्त सामने आया, जब किसान शिशुपाल सिंह की तीन बेटियों और उनकी चचेरी बहन के शवों को खेत में गड्ढा खोदकर दफनाया गया। एक साथ चार बेटियों को खोने के गम ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया।
यह दर्दनाक हादसा फिरोजाबाद के शिकोहाबाद-बटेश्वर मार्ग पर नसीरपुर थाना क्षेत्र के गांव छटनपुरा के पास रविवार रात करीब नौ बजे हुआ। पुलिस के मुताबिक, गांव के महिला, पुरुष और बच्चे टेसू-झांझी की शादी की रस्में पूरी करने के बाद सड़क किनारे पूजा-अर्चना कर रहे थे। तभी बटेश्वर की ओर से आ रही एक कार अनियंत्रित हो गई और वहां मौजूद लोगों को रौंदती हुई आगे निकल गई। अचानक हुए हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। कई लोग सड़क पर घायल पड़े थे और परिजन मदद के लिए गुहार लगा रहे थे। ग्रामीणों ने भागती कार का पीछा किया और आगे ट्रैक्टर लगाकर रास्ता रोकने की कोशिश की। इसी दौरान कार ट्रैक्टर से भी टकरा गई। ग्रामीणों ने कार सवार लोगों को पकड़ लिया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए।

इस हादसे में किसान शिशुपाल सिंह की बेटियां आकांक्षा उर्फ दीक्षा (17), अंजलि (15) और गुन्नू (10) की मौत हो गई। आकांक्षा और अंजलि ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था, जबकि गंभीर रूप से घायल गुन्नू की उपचार के दौरान फिरोजाबाद में मौत हो गई। उनकी चचेरी बहन दीपिका उर्फ बबली (19) की भी हादसे में जान चली गई। गांव के हरीश कुमार (26) की भी मौत हो गई। हादसे में 12 अन्य लोग घायल हुए। कुछ घायलों को फिरोजाबाद ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जबकि गंभीर रूप से घायल लोगों को आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज भेजा गया। पुलिस और प्रशासन की टीमें घायलों के उपचार और घटना से जुड़ी कार्रवाई में जुटी रहीं।

सोमवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद मृतकों के शव गांव पहुंचे तो परिवारों में कोहराम मच गया। सबसे ज्यादा दर्दनाक स्थिति शिशुपाल सिंह के घर की थी। उनकी तीनों बेटियों की मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया। मां राधा देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। परिवार के दोनों छोटे बेटे कमल (11) और बाबू (5) भी अपनी बहनों को खोने के गम में बेहाल थे। परिजनों और ग्रामीणों की मौजूदगी में पुलिस अधिकारियों की निगरानी में जेसीबी से शिशुपाल के खेत में गड्ढा खुदवाया गया। सुबह करीब 10 बजे चारों बहनों के शवों को एक साथ दफनाया गया। इस दौरान गांव में मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। एक ही परिवार की चार बेटियों का इस तरह दुनिया से चले जाना हर किसी को भीतर तक झकझोर गया।
घटना के बाद गांव में तनाव और आक्रोश का माहौल बन गया था। देर रात ग्रामीणों ने शव उठाने का विरोध भी किया। स्थिति को संभालने के लिए एसपी देहात अनुज चौधरी, एसडीएम शिकोहाबाद राजेश शुक्ला और कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों को समझाया, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की गई। फिलहाल, इस हादसे ने छटनपुरा गांव को गहरे शोक में डुबो दिया है। जिस परिवार में बेटियों के साथ घर की खुशियां जुड़ी थीं, वहां अब मातम पसरा है। एक ही रात में चार बहनों समेत पांच लोगों की मौत और 12 लोगों के घायल होने की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
Location : Firozabad
Published : 26 October 2026, 3:00 PM IST