बलिया के एक निजी अस्पताल में कथित लापरवाही से हड़कंप मच गया। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया और डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

बलिया में दर्दनाक मामला (Image Source: Internet)
Ballia: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक निजी अस्पताल में कथित लापरवाही के चलते जुड़वा नवजात शिशुओं और उनकी मां की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश और सनसनी फैल गई है।
जानकारी के अनुसार दुबहड़ थाना क्षेत्र के रामपुर बोहा निवासी सोनू यादव अपनी 27 वर्षीय पत्नी रिंकू देवी को शुक्रवार सुबह करीब 10:20 बजे प्रसव पीड़ा होने पर शहर कोतवाली क्षेत्र के जगदीशपुर स्थित पूर्वांचल हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान दोनों जुड़वा नवजात शिशुओं की मौत हो गई।
इसके बाद प्रसूता रिंकू देवी की हालत भी लगातार बिगड़ती चली गई। स्थिति गंभीर होने पर अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए मऊ जिले के फातिमा हॉस्पिटल रेफर कर दिया। हालांकि वहां पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने जांच के बाद रिंकू देवी को मृत घोषित कर दिया। मां और दोनों बच्चों की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों में अस्पताल प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश फैल गया।
रिंकू देवी के परिजन जब शाम करीब 5:30 बजे उनका शव लेकर दोबारा पूर्वांचल हॉस्पिटल पहुंचे, तो उन्होंने अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों पर इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। इसी दौरान परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल परिसर में जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने अपनी गलती छिपाने के लिए नवजात शिशुओं के शवों को गायब करने की कोशिश की। जब परिजनों और पुलिस ने अस्पताल परिसर में खोजबीन की, तो दोनों नवजातों के शव अस्पताल के बाथरूम में लावारिस हालत में पड़े मिले।
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यह दृश्य देखकर परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो उठे। लोगों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि एक तरह का अमानवीय व्यवहार है। घटना के बाद अस्पताल के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई और लोगों ने अस्पताल को बंद कराने तथा दोषी डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस ने मां और दोनों नवजातों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। मामले में शहर कोतवाल क्षितिज त्रिपाठी ने बताया कि मृतका के परिजनों की ओर से तहरीर प्राप्त हो गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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स्थानीय लोगों के बीच यह भी चर्चा है कि पूर्वांचल हॉस्पिटल लंबे समय से विवादों में रहा है और यहां पहले भी इलाज में लापरवाही के आरोप लगते रहे हैं। आरोप यह भी लगाए जा रहे हैं कि अस्पताल स्वास्थ्य विभाग की सख्त निगरानी से बचकर संचालित होता रहा है। इस घटना ने एक बार फिर निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हुए हैं, जबकि पीड़ित परिवार दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है।