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साइबर सुरक्षा (Img : pinterest)
बलिया : साइबर अपराध का शिकार हुए लोगों के लिए राहत भरी खबर है। गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) की ओर से शुरू किए गए Money Restoration Module (MRM) के जरिए अब जालसाजों के खातों में फंसी रकम को पीड़ितों तक वापस पहुंचाने की प्रक्रिया को आसान बनाया गया है।
पुलिस अधीक्षक बलिया ओमवीर सिंह ने आम लोगों को साइबर ठगी से बचाव और MRM मॉड्यूल की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साइबर फ्रॉड होने पर पीड़ित को बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत करनी चाहिए।
एसपी ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद पुलिस और बैंक मिलकर जालसाजों के खातों में पहुंची रकम को ट्रेस कर उसे होल्ड या फ्रीज कराने का प्रयास करते हैं। अगर रकम फ्रीज हो जाती है और पीड़ित रिफंड के लिए पात्र पाया जाता है तो उसे SMS या ई-मेल के माध्यम से सूचना दी जाती है।
पीड़ित को MRM पोर्टल पर 14 अंकों के NCRP एक्नॉलेजमेंट नंबर और OTP के जरिए लॉगिन करना होगा। इसके बाद शिकायत और बैंक से जुड़ी जानकारी सत्यापित कर PAN कार्ड अपलोड करना होगा। प्रक्रिया पूरी होने के बाद पीड़ित को यूनिक रिक्वेस्ट नंबर (URN) मिलेगा।
पुलिस के अनुसार MRM मॉड्यूल के तहत 50 हजार रुपये तक की होल्ड/लीन धनराशि के मामलों में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार रिफंड की कार्रवाई की जा सकती है। ऐसे मामलों में FIR की आवश्यकता नहीं होने की जानकारी दी गई है।
एसपी ओमवीर सिंह ने कहा कि साइबर ठगी के बाद शुरुआती समय सबसे महत्वपूर्ण होता है। लोगों को किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए और OTP, PIN, बैंक डिटेल जैसी गोपनीय जानकारी किसी से साझा नहीं करनी चाहिए।
Location : Ballia
Published : 9 September 2026, 6:07 PM IST